अयोध्या: प्रोफेसर ने पिता के निधन पर किया उनका देहदान, मेडिकल कॉलेज ने जताया आभार

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अयोध्या। साकेत महाविद्यालय की प्रोफेसर मंजूषा मिश्र ने अपने पिता की इच्छा को पूरा करते हुए उनके निधन के बाद उनका शरीर मेडिकल कॉलेज को दान स्वरूप दे दिया। बकायदा उन्होंने दर्शननगर स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज को बॉडी ले जाने के लिए पत्र भी लिखा था। देवकाली स्थित कृष्णा नगर कॉलोनी फेज-1 निवासी मंजूषा …

अयोध्या। साकेत महाविद्यालय की प्रोफेसर मंजूषा मिश्र ने अपने पिता की इच्छा को पूरा करते हुए उनके निधन के बाद उनका शरीर मेडिकल कॉलेज को दान स्वरूप दे दिया। बकायदा उन्होंने दर्शननगर स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज को बॉडी ले जाने के लिए पत्र भी लिखा था।

देवकाली स्थित कृष्णा नगर कॉलोनी फेज-1 निवासी मंजूषा मिश्रा के पिता आनंद मोहन मिश्रा का शुक्रवार को निधन हो गया था। मंजूषा मिश्रा के मुताबिक उनके पिता आनंद मोहन ने निधन के पश्चात अपने पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज में दान देने के लिए मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में पंजीकरण करा रखा था।

शुक्रवार को विजयादशमी के पावन दिन उनके निधन के बाद बेटी मंजूषा ने मेडिकल कॉलेज को देहदान के लिए पत्र लिखा, जिसके पश्चात विभाग ने सारी प्रक्रियाएं पूरी की और उनके पार्थिक शरीर को ले लिया। मेडिकल कॉलेज ने भी उनके परिवार का आभार जताते हुए कहा कि इस महादान से मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षित हो रहे विद्यार्थियों को विद्या का दान मिलेगा, जिसका लिए वो हमेशा ऋणि रहेंगे।

मेडिकल कॉलेज की  एनाटॉमी विभागाध्यक्ष  डॉ अलका सिंह ने कहा कि  मेडिकल कॉलेज में प्रयोग के लिए छात्र-छात्राओं को मानव देह की आवश्यकता होती है। आनंद मोहन मिश्रा ने अपने जीवन काल में देहदान का निर्णय लेकर महान कार्य किया था, और भी लोगों को इसके लिए आगे आना चाहिए।

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