उत्तराखंड: दो दिनों की बारिश में 43 लोगों ने गंवाई जान, सात लोग लापता

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देहरादून, अमृत विचार। पहाड़ों में हो रही मूसलाधार बारिश से नदी- नाले उफना गए हैं। रविवार  से शुरू हुई बारिश ने मंगलवार दोपहर तक कुमाऊं के छह जिलों में 43 लोगों की जिंदगी लील ली। नैनीताल जिले में सर्वाधिक 29 लोगों की जानें चली गईं। नैनीताल आपदा प्रबंधन विभाग ने सात लोगों के लापता होने …

देहरादून, अमृत विचार। पहाड़ों में हो रही मूसलाधार बारिश से नदी- नाले उफना गए हैं। रविवार  से शुरू हुई बारिश ने मंगलवार दोपहर तक कुमाऊं के छह जिलों में 43 लोगों की जिंदगी लील ली। नैनीताल जिले में सर्वाधिक 29 लोगों की जानें चली गईं। नैनीताल आपदा प्रबंधन विभाग ने सात लोगों के लापता होने की पुष्टि की है।

हल्द्वानी की लाइफ लाइन गौला नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण खटीमा, सितारगंज समेत पर्वतीय जिलों का हल्द्वानी से संपर्क कट गया।

अल्मोड़ा में 06, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और उधमसिंह नगर में एक-एक, पौड़ी और चंपावत जिले में छह लोगों की जिंदगी लील ली। रामनगर में मोहान स्थित एक रिसॉर्ट में 100 से अधिक पर्यटक फंस गए। मंगलवार देर शाम पानी का स्तर कम होने के बाद पर्यटक अपने गंतव्य को जा सके।

नैनीताल में पानी की तेज धार के बीच रेस्क्यू में जुटे पुलिस और सेना के जवान।

गर्जिया मंदिर की सीढ़ियों तक पानी की लहरें जा पहुंची। नैनीताल में नैनी झील का पानी माल रोड और नैना देवी मंदिर तक जा पहुंचा। पहाड़ी जिलों में बारिश के बाद जिस तरह के हालात बन रहे हैं, उसे देखकर मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मंगलवार शाम से बारिश की रफ्तार धीमी पड़ी। इसके बाद राहत और बचाव कार्यों में तेजी आई है।

रामनगर में रिसॉर्ट के बाहर पानी भरने से पर्यटक फंस गए, कई कारें पानी में डूब गईं।

इधर भारी बारिश के कारण जिले की 11 सड़कों पर यातायात ठप हो गया था। बुधवार सुबह तक तीन सड़कें खोल दी गई हैं। इसके बाद नैनीताल में फंसे व रुके हुए यात्री कालाढूंगी होते हुए अपने गंतव्य को जा सकते हैं।

काठगोदाम में रेलवे की शंटिंग लाइन गौला नदी में समा गई, जिसके कारण काठगोदाम से ट्रेनों का संचालन ठप हो गया।

भवाली में फंसे हुये पर्यटक/यात्री भीमताल से होते हुए बाया हल्द्वानी से अपने गंतव्य को जा सकते हैं। गेठिया में फंसे हुए यात्री/ पर्यटक बाया भवाली होते हुए भीमताल से हल्द्वानी होते हुए गंतव्य को जा सकते हैं।

नैनीताल मार्ग पर ज्योलीकोट के पास सड़क पर मलबा आने से मार्ग बाधित हो गया।

मृतक आश्रितों को चार लाख का मुआवजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा की वजह से जान गंवाने वालों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है। मंगलवार शाम मुख्यमंत्री रुद्रपुर पहुंचे। यहां उन्होंने तटीय इलाकों में हुए नुकसान का जायजा लिया और राहत कार्य में लगे कर्मचारियों का हौंसला बढ़ाया।  इसके बाद हल्द्वानी पहुंचे मुख्यमंत्री ने बताया कि बुधवार को वह रामगढ़ क्षेत्र में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। राहत और बचाव कार्य के लिए केंद्र से तीन हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं।

रुद्रपुर में बचाव कार्यों में जुटे कर्मचारियों की पीठ थपथपाते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लिया अपडेट

उत्तराखंड में दो दिनों से हो रही बरसात से तबाही ने हर किसी को परेशान कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट से फोन पर जानकारी जुटाई। और बचाव और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

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