यूपी चुनाव: पूर्वांचल में भाजपा की जड़ें मजबूत करने में जुटे पीएम मोदी, जानें कैसे?
लखनऊ। प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनैतिक दलों ने बिगुल फूंक दिया है। भाजपा भी पूरे चुनावी मोड में आ चुकी है। प्रदेश की पूर्वांचल बेल्ट को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच दिन में दूसरा दौरा करने वाले है। इससे पहले 20 अक्टूबर को कुशीनगर गए थे। अब 25 अक्टूबर …
लखनऊ। प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनैतिक दलों ने बिगुल फूंक दिया है। भाजपा भी पूरे चुनावी मोड में आ चुकी है। प्रदेश की पूर्वांचल बेल्ट को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच दिन में दूसरा दौरा करने वाले है। इससे पहले 20 अक्टूबर को कुशीनगर गए थे। अब 25 अक्टूबर को वाराणसी से चुनावी समीकरण साधेंगे। इस दौरान वे सात नए मेडिकल कालेज का लोकार्पण करेंगे और आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत की योजना को लांच करेंगे।
प्रदेश की राजनीति नब्ज पकड़ने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोई जवाब नहीं। वर्ष 2017 में उन्होंने श्मशान-कब्रिस्तान के बयान पर ही समाजवादी सरकार को पलट दिया और भाजपा की सरकार बना दी। इसी तर्ज पर अब मोदी-योगी की जोड़ी वर्ष 2022 को लेकर नया गेम प्लान तैयार कर लिया है। उन्होंने दो बार 2014 और 2019 में लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक सीटें हासिल की, फिर 2017 में उन्होंने योगी सरकार बनाईं।
फिलहाल कृषि कानून और लखीमपुर विवाद को लेकर किसान आंदोलन जोरों पर है और पश्चिमी यूपी और तराई बेल्ट में भाजपा की स्थिति अच्छी नहीं है लेकिन पूर्वांचल अभी भाजपा के गढ़ में शुमार है। पूर्वांचल बेल्ट मजबूत होने का कारण प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र वाराणसी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का क्षेत्र गोरखपुर होना भी अहमियत रखता है। कहा जाता है कि देश की सत्ता पर काबिज होने के लिए उत्तर प्रदेश का होना जरूरी है और प्रदेश पर राज करने के लिए पूर्वांचल में पैठ होना अतिआवश्यक है। इसी को देखते हुए नरेंद्र मोदी चुनाव करीब आते ही पूर्वांचल में दूसरी रैली करने जा रहे है। रैली के जरिए इस बेल्ट को और सशक्त करने का प्रयास जारी है।
चुनावी समर से पूर्वांचल की महत्ता
प्रदेश की 33 प्रतिशत विधानसभा सीटें पूर्वांचल से आती है। इसमें 28 जिले की 164 विधानसभा सीटें है। 2017 के चुनाव में भाजपा को यहां से सर्वाधिक सीटें मिली। इसमें भाजपा को 115, सपा को 17, बसपा को 14, कांग्रेस को दो और अन्य को 16 सीटें मिली। साथ ही भाजपा ने जातीय समीकरण साधने के लिए अनुप्रिया पटेल के अपना दल (एस) और संजय निषाद की निषाद पार्टी से गठबंधन कर रखा है और इन्हीं के साथ 2022 के चुनावी समर में ताल ठोकेंगे।
