रायबरेली: उत्तरी ग्रिड ने बिजली खरीदना किया कम, जानें पूरा मामला…
रायबरेली। उत्तरी ग्रिड ने एनटीपीसी से बिजली की मांग को कम कर दिया है। इससे एनटीपीसी को अब राजस्व का घाटा हो रहा है। दो यूनिट बंद हैं और चार यूनिट से बिजली का उत्पादन हो रहा है। अचानक बिजली की मांग कम होने से उत्पादन आधा हो गया है। कोयले के संकट से उभरने …
रायबरेली। उत्तरी ग्रिड ने एनटीपीसी से बिजली की मांग को कम कर दिया है। इससे एनटीपीसी को अब राजस्व का घाटा हो रहा है। दो यूनिट बंद हैं और चार यूनिट से बिजली का उत्पादन हो रहा है। अचानक बिजली की मांग कम होने से उत्पादन आधा हो गया है।
कोयले के संकट से उभरने के बाद एनटीपीसी से उत्तरी पावर ग्रिड ने बिजली की मांग कम कर दी है। एनटीपीसी में बिजली का संकट न हो, इसके लिए छह यूनिट स्थापित हैं और 1550 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। इकाई नंबर एक से लेकर पांच तक 210-210 तो वहीं छठीं इकाई 500 मेगावाट उत्पादन क्षमता की है।
बीते एक माह से झारखंड से कोयला न आने के बाद संयंत्र पर बिजली आपूर्ति का संकट छाया रहा। किसी तरह कोयला की आपूर्ति शुरू हुई तो उत्तरी पावर ग्रिड ने बिजली की मांग कम कर दी है। इस समय एक और दो नंबर यूनिट को मरम्मत के कारण बंद किया गया है।
इस तरह यूनिट नंबर तीन को 129, चार को 128, पांच को 119 और छठी इकाई को 290 मेगावाट विद्युत उत्पादन भार क्षमता पर संचालित कर 667 मेगावाट विद्युत का उत्पादन किया जा रहा है। जबकि 10 दिन पहले तक इन्हीं चार यूनिट से 800 मेगावाट का बिजली का उत्पादन हो रहा था।
मौसम ठंडा होने से घटी बिजली की मांग
पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत में पिछले दिनों बारिश हुई। उसका असर यह रहा कि बिजली का भार कम हो गया है। यही कारण है कि दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा ने बिजली की मांग को कम कर दिया है। मांग कम होने से एनटीपीसी को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
बिजली की मांग कम होने से संयंत्र में चल रही चार यूनिट से बिजली उत्पादन हो रहा है। सभी यूनिट आधे भार पर चल रही हैं।
