बरेली: बीएससी कृषि ऑनर्स में 2200 छात्र फेल, जाम लगाया

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बहेड़ी, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने मंगलवार को बीएससी कृषि ऑनर्स प्रथम सेमेस्टर का रिजल्ट घोषित किया था। बीएससी कृषि ऑनर्स में लगभग 96 फीसदी यानी सभी छात्र फेल हो गए हैं। विश्वविद्यालय से संबद्ध बरेली, बदायूं, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, संभल समेत अन्य जिलों के महाविद्यालयों के करीब 2300 छात्रों ने परीक्षा दी थी। इसमें …

बहेड़ी, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने मंगलवार को बीएससी कृषि ऑनर्स प्रथम सेमेस्टर का रिजल्ट घोषित किया था। बीएससी कृषि ऑनर्स में लगभग 96 फीसदी यानी सभी छात्र फेल हो गए हैं। विश्वविद्यालय से संबद्ध बरेली, बदायूं, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, संभल समेत अन्य जिलों के महाविद्यालयों के करीब 2300 छात्रों ने परीक्षा दी थी। इसमें लगभग 2200 छात्र फेल हो गए हैं। बड़ी संख्या में फेल होने से छात्र परेशान हो गए।

छात्र पहले कॉलेज गए लेकिन वहां संतुष्ट जवाब नहीं मिला तो गुरुवार को वह विश्वविद्यालय पहुंचे और अपनी शिकायत की। यहां पर उन्हें बीएससी ऑनर्स के नियमों के बारे में जानकारी दी गई। विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि महाविद्यालयों को भी छात्रों को इस संबंध में जानकारी देनी चाहिए थी। इससे पहले बहेड़ी में गन्ना उत्पादक डिग्री कॉलेज के छात्रों ने सड़क पर जाम लगा दिया। जिससे राहगीरों को काफी परेशानी हुई।

एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में बीएससी कृषि व बीएससी कृषि ऑनर्स की पढ़ाई होती है। बीएससी कृषि ऑनर्स इसी सत्र से लागू हुआ है। आईसीएआर के नियमों के तहत परीक्षा में पास होने के लिए 50 फीसदी अंक होना जरूरी है। जबकि बीएससी कृषि में 35 फीसदी अंक पाकर ही छात्र पास हो जाते थे।

बताते हैं कि 50, 30 और 20 अंकों के आधार पर प्रश्नपत्र होते हैं। तीनों में ही 50 फीसदी अंक से पास होना जरूरी है। एक में भी कम अंक होने पर फेल माना जाएगा। इस बार कोरोना की वजह से छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। इसके अलावा बीएससी आनर्स के नए नियमों के बारे में भी छात्रों को जानकारी नहीं थी। यही वजह है कि जब रिजल्ट आया है तो अधिकांश छात्र फेल हो गए हैं। इसी के चलते गुरुवार को अलग-अलग कृषि महाविद्यालयों के काफी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय में पहुंच गए।

यहां पर छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। उसके बाद समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र कुर्मी, विवि के छात्रनेता दीपांशु सक्सेना, अमित पटेल, हरिकेश पटेल के नेतृत्व में सभी छात्र परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार अरविंद से मिले। छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं के दोबारा मूल्यांकन की मांग की। इसके अलावा चैलेंज मूल्यांकन के 300 रुपये के शुल्क को भी वापस करने की मांग रखी। परीक्षा नियंत्रक ने सभी छात्रों को बीएससी ऑनर्स के नियमों के बारे में जानकारी दी। छात्रों को बताया कि पास होने के लिए 50 फीसदी अंकों की जरूरत है। काफी देर के हंगामे के बाद छात्र वापस चले गए।

गन्ना उत्पादक के 250 छात्र फेल
गन्ना उत्पादक डिग्री कॉलेज के भी बीएससी कृषि ऑनर्स के पहले सैमेस्टर की परीक्षा के परिणाम में 250 से अधिक छात्र फेल हो गए। छात्रों ने गुरुवार को जमकर हंगामा किया। कालेज प्रशासन पर जबरन फेल करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और कालेज गेट पर ही छात्र धरने पर बैठ गए। जिससे हाईवे पर जाम लग गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस तथा प्राचार्य ने उन्हें शांत कराया। कॉलेज के सिर्फ 16 छात्र ही पास हुए हैं।

प्राचार्य डा. हरिकेश ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा इसी साल बीएससी कृषि ऑनर्स से संबंधित छात्रों के लिए नया नियम लागू किया है। जिसमें ओवर आल मार्क्स 50 फीसद होने पर ही सफल घोषित किए जाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं कुलपति और परीक्षा नियंत्रक से भेंट कर पूरी बात रखेंगे। प्राचार्य ने कहा कि मामला अकेले उनके ही कालेज का नहीं है। विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी कृषि कालेजों का परीक्षा परिणाम इसी तरह का रहा है।

बीएससी कृषि ऑनर्स के नियम अलग हैं। इसमें 50 फीसदी अंक पास होने के लिए चाहिए। छात्रों को नियमों की जानकारी दी गई है।
-अशोक कुमार अरविंद, परीक्षा नियंत्रक रुविवि

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