बाराबंकी: खाद की कालाबाजारी से नाराज किसानों ने किया आत्मदाह का प्रयास
बाराबंकी। खाद की कालाबाजारी के चलते किसानों को खाद न मिलने और धान की तौल न होने से परेशान किसानों ने शनिवार को आत्मदाह की कोशिश की जिसे पुलिस ने समय पर पहुंचकर नाकाम कर कर दिया। ज्ञात हो कि किसान खाद की कालाबाजारी और क्रय केंद्रों पर धान की तौल न होने से परेशान …
बाराबंकी। खाद की कालाबाजारी के चलते किसानों को खाद न मिलने और धान की तौल न होने से परेशान किसानों ने शनिवार को आत्मदाह की कोशिश की जिसे पुलिस ने समय पर पहुंचकर नाकाम कर कर दिया। ज्ञात हो कि किसान खाद की कालाबाजारी और क्रय केंद्रों पर धान की तौल न होने से परेशान हैं। इसी के चलते कई दिनों से सैकड़ों किसान जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान फतेहपुर में तीन-चार किसानों ने खुद पर पेट्रोल डाल कर आत्मदाह करने की कोशिश की।
जिसे देखकर पुलिसकर्मी किसानों को रोकने के लिये दौड़े। तभी छीना-झपटी के दौरान पेट्रोल से भरा केन गिर गया। पुलिस ने किसानों को हिरासत में ले लिया है। ज्ञात हो कि किसान कई दिनों से जिला मुख्यालय पर धरना दे रहे हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें समय से खाद नहीं मिल रही है।जबकि रात के समय में खाद की कालाबाजारी की जा रही है। वहीं, धान क्रय केंद्रों पर धान की तौल भी नहीं हो रही है। प्रशासन उनकी मांगों को नहीं मान रहा है। जिससे किसान काफी परेशान हैं।
महादेव पूजित हैं । द्वापर में भगवान श्री कृष्ण द्वारा कालिया नाग को समुद्र जाने की आज्ञा देने पर गोकुल से समुद्र जाने के रास्ते में कालिया नाग द्वारा दीर्घकाल तक पंचनद धाम पर रुककर भगवान शिव जी पूजा अर्चना की थी। इसी स्थान को गिरीश्वर महादेव फिर कालीश्वर और कालांतर में कालेश्वर के नाम से जाना जाने लगा। पंचनद के कालेश्वर महादेव के मंदिर के आसपास आज भी सांप का जहर उतारने वाली वनस्पति बहुतायत मात्रा में उपलब्ध है, जिसे सर्प पकड़ने वाले नाथ संप्रदाय के साधु पहचान कर उखाड़ ले जाते हैं । पंचनद का कालेश्वर मंदिर वर्तमान में ग्वालियर राज्य के महाराजा सिंधिया के वंशजों द्वारा संरक्षित है।
