मुरादाबाद : जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़, अब तक एक हजार से अधिक ने लिया परामर्श

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद, अमृत विचार। जिला अस्पताल में गुरुवार को ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। पंजीकरण काउंटर, दवा वितरण कक्ष, जनरल और चेस्ट फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ अधिक रही। अब तक एक हजार से अधिक मरीज पहुंच चुके हैं। बुखार के मरीजों के साथ हृदय और सांस से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ने …

मुरादाबाद, अमृत विचार। जिला अस्पताल में गुरुवार को ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही। पंजीकरण काउंटर, दवा वितरण कक्ष, जनरल और चेस्ट फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ अधिक रही। अब तक एक हजार से अधिक मरीज पहुंच चुके हैं।

बुखार के मरीजों के साथ हृदय और सांस से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ने से चिकित्सक उनके सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। मास्क लगाने और ठंड के चलते बुखार, सर्दी न हो इसके लिए ऊनी और मोटे कपड़े पहनने को कह रहे हैं। वहीं बुखार के मरीजों की डेंगू, कोरोना जांच की सलाह वरिष्ठ फिजिशियन डाँ एनके मिश्र और डाँ मोनिका सिंह ने दी।

सीएमओ की सलाह- हमारे भरोसे न रहें, खुद करें बचाव
मच्छरों से बचने के लिए यदि आप स्वास्थ्य विभाग के भरोसे हैं तो खुद को जोखिम में डाल रहे हैं। सेहत के जिम्मेदारों ने अपने दायित्व से पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया है। विभाग के मुखिया स्वयं सलाह दे रहे हैं कि हमारे भरोसे न रह कर लोग अपना बचाव स्वयं करें तो ही अच्छा है। उनकी मानें तो डेंगू के डंक से फिलहाल राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं अत: सावधानी बरतने की आश्यकता है।

जनपद में हर दिन डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। गुरुवार को भी 15 नये रोगी मिले। इनमें से 14 शहर के मोहल्लों के रहने वाले हैं। हैरत यह कि देहात क्षेत्र से अधिक शहर में टाइगर का शिकार जारी है। महानगर में पांच सौ से अधिक मरीज डेंगू की गिरफ्त में हैं। यह स्थिति तब है जब जिला और मंडल मुख्यालय पर सेहत के जिम्मेदार अधिकारियों के अलावा नगर निगम के अधिकारी भी बैठते हैं।

नवंबर का दूसरा पखवाड़ा चल रहा है, लेकिन अब तक न तो फॉगिंग और न ही एंटी लार्वा का प्रभावी छिड़काव शहरी इलाकों में किया गया है। केवल कागजों में डेटा भरकर जिम्मेदार मौज में हैं। अब तक डेंगू 16 जिंदगियों को निगल चुका है। वहीं सरकारी आंकड़ों में बाजीगरी कर केवल तीन की मृत्यु दिखाकर जिम्मेदार अपनी गर्दन बचाने की जुगत में लगे हैं। हद यह है मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एमसी गर्ग का तो स्पष्ट कहना है कि डेंगू से बचना है तो विभाग के भरोसे बिल्कुल न रहें। मच्छरों से बचाने के लिए स्वयं ही प्रयास करें तो बेहतर रहेगा।

यहां मिले नये मरीज
करूला, रहमतनगर, दौलत बाग, रेती मुहल्ला, पीतल नगरी, असालतपुरा के दो, नवाबपुरा, मझोला, जामा मस्जिद, नवीन नगर, चक्कर की मिलक, नागफनी और गलशहीद।

हर मच्छर खतरनाक है। इनसे बचाव के लिए हमारे या किसी भी विभाग के सरकारी इंतजाम के भरोसे न रहें। मच्छरों से बचने के लिए खुद उपाय करें। घर में कहीं पानी जमा न होने दें। फ्रिज में पानी बदलते रहें। घर की छत व गमले में पानी जमा न होने दें। हर मच्छर जानलेवा हो सकता है यह मानकर उससे बचें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। शरीर को अधिक से अधिक ढांक कर रखें। –डॉ. एमसी गर्ग, मुख्य चिकित्साधिकारी

संबंधित समाचार