उत्तर प्रदेश में बूंदाबांदी ने दी सर्दी की आहट
लखनऊ। राजधानी लखनऊ और कानपुर समेत उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में आसमान में छाये बादल और बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट दर्ज की गयी है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में हवा के कम दवाब का क्षेत्र बनने के कारण छिटपुट बारिश के हालात बने हैं। हालांकि अगले 24 घंटों में इक्का दुक्का इलाकों …
लखनऊ। राजधानी लखनऊ और कानपुर समेत उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में आसमान में छाये बादल और बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट दर्ज की गयी है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में हवा के कम दवाब का क्षेत्र बनने के कारण छिटपुट बारिश के हालात बने हैं। हालांकि अगले 24 घंटों में इक्का दुक्का इलाकों को छोड़कर बारिश की संभावना अति क्षीण है। रविवार को आसमान साफ रहने के आसार हैं, हालांकि सुबह के समय कुछ एक इलाकों में कोहरा पड़ सकता है।
इस दौरान रात के तापमान में गिरावट का दौर जारी रहने का अनुमान है। बूंदाबांदी के बावजूद कानपुर और लखनऊ में वायु की गुणवत्ता में विशेष सुधार नजर नहीं आया है और इन शहरों में एक्यूआई 230 से अधिक दर्ज किया गया। चिकित्सकों ने श्वांस और हृदय रोगियों को विशेषकर घरों में रहने की सलाह दी है। इस बीच प्रदेश सरकार ने गरीब और निराश्रितों को ठंड से बचाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। वहीं, पहले चरण में 350 तहसीलों के लिए कुल 19 करोड़ 25 लाख रुपये जारी किये हैं। इस राशि से सार्वजनिक स्थल पर अलाव जलवाने और जरूरतमन्दों को कम्बल बांटने की व्यवस्था की जायेगी।
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शीतलहर के कारण पैदा होने वाली समस्याओं को ध्यान में रखते हुए निराश्रित और असहाय व कमजोर वर्ग के असुरक्षित व्यक्तियों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कम्बल खरीदने के लिये प्रत्येक तहसील के लिए पांच लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को शीतलहर में आने वाली समस्याओं से निपटने के लिए एलर्ट रहने के निर्देश भी जारी किये हैं। मुख्य रूप से असहाय, निराश्रित और कमजोर वर्ग के असुरक्षित व्यक्तियों पर विशेष ध्यान देने को कहा है।
पहले चरण में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, बुंदलशहर, गौतमबुद्ध नगर, बागपत की तहसीलों में सरकार ने अपने प्रयास को शुरू किया है। वहीं, 350 तहसीलों को 17 करोड़ 50 लाख रुपये जारी किये गये हैं, जिनमें कंबल खरीदने के लिए प्रत्येक तहसील को 5 लाख रुपये जारी किये हैं। इसके अलावा अलाव जलाने के लिए 50 हजार और अन्य व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए 1 करोड़ 75 लाख रुपये दिये जाने का शासनादेश कर दिया है।
