69000 शिक्षक भर्ती: प्रदेश सरकार पर आरक्षण घोटाले का आरोप लगाते हुए मायावती आवास पहुंचे अभ्यर्थी

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लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक विद्यालयों में 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण घोटाला हुआ है, प्रदेश सरकार इसकी जांच कराने की बजाय अभ्यर्थियों के साथ मनमानी कर रही है। ये आरोप 69000  शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने लगाया है। बुधवार को अभ्यर्थियों ने माल एवन्यू स्थित मायावती के आवास …

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक विद्यालयों में 69 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण घोटाला हुआ है, प्रदेश सरकार इसकी जांच कराने की बजाय अभ्यर्थियों के साथ मनमानी कर रही है। ये आरोप 69000  शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने लगाया है।

बुधवार को अभ्यर्थियों ने माल एवन्यू स्थित मायावती के आवास पहुंचकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मायावती से मिलने का प्रयास किया। इस दौरान मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने काफी संख्या में अभ्यर्थियों को खदेड़ दिया और दो दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी भी की गयी है।

पिछले 161 दिनों से अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन उनकी मांग पर अभी तक विचार नहीं किया गया है। अभ्यर्थियों ने इससे पहले बीते मंगलवार को भी विधानभवन का घेराव कर प्रदर्शन किया ​था, वहां भी मौके पर पहुंची पुलिस ने अभ्यर्थियों को उन्हें खदेड़ दिया था और काफी संख्या में अभ्यर्थियों को ईको गार्डन भेजा था।

ये है मामला

अभ्यर्थियों का कहना है, कि 22,000 पद 69,000 में जोड़ा जाए और उन्हें भी नियुक्ति दी जाए। ये अभ्यर्थी आरक्षण में बड़े घोटाले करने की बात कहते हुए पांच महीनों से इको गार्डन में आंदोलन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की मांग है, कि अनारक्षित की कट ऑफ 67.11 के नीचे 27 फीसदी आरक्षण दिया जाए। ओबीसी वर्ग को इस भर्ती में 18,598 में से सिर्फ 2,637 सीट मिली है। इससे ओबीसी वर्ग को इस भर्ती में 27 प्रतिशत की जगह सिर्फ 3.86 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिला है। वहीं, एससी वर्ग के अभ्यर्थियों का कहना है कि इस भर्ती में 21 प्रतिशत की जगह उन्हें सिर्फ 16.6 प्रतिशत आरक्षण मिला है। जिसके विरोध में ये विगत पांच महीने से लखनऊ के इको गार्डन में प्रदर्शन कर रहे हैं।

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ओबीसी को 27 प्रतिशत मिलना चाहिए आरक्षण

योगी सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में 69,000 शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाले थे। यह भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस भर्ती पर ओबीसी और एससी कैटेगरी के छात्रों का आरोप है कि भर्ती में आरक्षण घोटाला हुआ है। एससी छात्रों को 21 फीसदी, जबकि ओबीसी छात्रों को 27 फीसद आरक्षण मिलता है। ओबीसी छात्रों का आरोप है कि इस भर्ती में उन्हें सिर्फ चार प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। उनका यह भी आरोप है, कि उनकी जगह आरक्षित पदों पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को नौकरी दे दी गई।

राज्य पिछड़ा आयोग की सिफारिश को भी किया गया किनारे

पिछले पांच माह से अधिक समय से चल रहे इस आंदोलन को राज्य पिछड़ा आयोग ने संज्ञान लिया था। अभ्यर्थियों ने आयोग में अपनी शिकायत भी दर्ज करायी थी तब आयोग ने गड़बड़ी की बात मानी थी। करीब 20,000 सीटों पर आरक्षण घोटाले का इनका आरोप है। ये उसी में भर्ती की मांग कर रहे हैं। वहीं, योगी सरकार किसी भी तरह के आरक्षण घोटाले से इनकार करती रही है।

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