लखनऊ: प्रदेश के एक लाख कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर इको गार्डन में किया प्रदर्शन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर राजधानी के इको गार्डन में प्रदेश भर से आए लगभग एक लाख कर्मचारियों ने मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया। जिसमें कर्मचारी-शिक्षक और अधिकारी शामिल हुए। इको गार्डन में प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जिस तरह कृषि कानून वापस लिया है उसी तरह नई पेंशन योजना …

लखनऊ। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर राजधानी के इको गार्डन में प्रदेश भर से आए लगभग एक लाख कर्मचारियों ने मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया। जिसमें कर्मचारी-शिक्षक और अधिकारी शामिल हुए। इको गार्डन में प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जिस तरह कृषि कानून वापस लिया है उसी तरह नई पेंशन योजना भी सरकार वापस ले। धरने को संबोधित करते हुए चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रामराज दुबे ने कहा कि सरकार अगर किसान बिल खत्म कर सकती है तो नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करे।

उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी गयीं तो 2022 के विधानसभा चुनाव में सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।महारैली को ध्रुव कुमार त्रिपाठी सदस्य विधान परिषद, सुरेश त्रिपाठी सदस्य विधान परिषद नेता शिक्षक दल, जीएन सिंह महासचिव उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ, प्रेम कुमार सिंह अध्यक्ष यूपी मेडिकल एंड हेल्थ मिनि एसोसिएशन, संजय सिंह अध्यक्ष परिवहन कर्मचारी संघ, विष्णु तिवारी पूर्व अध्यक्ष डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ, अधिनाम श्रीवास्तव प्रदेश अध्यक्ष उद्यान महासंघ, इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, शिव बरन सिंह यादव महामंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, शिव कुमार शुक्ला अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ और विनोद सिंह अध्यक्ष रजिस्टार कानूनगो संघ आदि ने संबोधित किया।

कर्मचारियों की समस्याओं को अनदेखा करने वाली पहली सरकार

अधिकार मंच के अध्यक्ष डा. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि यह पहली सरकार है जो कर्मचारियों की समस्याओं को अनदेखा कर रही है। एक दर्जन से अधिक भत्ते समाप्त कर दिए गए हैं। पिछले पांच वर्ष के कार्यकाल में एक भी शिक्षक को पदोन्नति नहीं दी गई है। शिक्षामित्र व अनुदेशकों को भुखमरी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया गया है। आंगनबाड़ियों एवं रसोइयां आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा यदि सरकार ने समय रहते शिक्षकों एवं कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली सहित सभी मांगों को पूरा नहीं किया तो आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।

शिक्षकों की समस्याओं के समाधान का आखिरी मौका

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के महामंत्री संजय सिंह ने कहा कि सरकार के पास अपने शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए यह आखिरी मौका है। सरकार को हमारी मांगों के प्रति गंभीर और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए सार्थक प्रयास करने की आवश्यकता है।

महंगाई भत्ते का 10 हजार करोड़ का भुगतान रोका

उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के शिक्षकों एवं कर्मचारियों का पिछले डेढ़ साल के बढ़े हुए महंगाई भत्ते का भुगतान न करके शिक्षकों एवं कर्मचारियों का भारी नुकसान किया है। प्रदेश के कर्मचारियों का 10 हजार करोड़ रुपये महंगाई भत्ते का भुगतान सरकार ने रोक रखा है।

कहीं ताला तो कहीं खुले रहे कमरे

कर्मचारियों के प्रदेशव्यापी आंदोलन के दौरान राजधानी के कार्यालयों में सन्नाटा रहा। इन विभागों में कहीं ताला तो कहीं कमरे खुले रहे। कलेक्ट्रेट, वाणिज्य कर विभाग, नगर निगम, आवास विकास, समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, वाणिज्य कर विभाग, परिवहन विभाग, पीडब्लूडी, आपूर्ति विभाग, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रही। कर्मचारी-अधिकारी सहित लगभग 200 कर्मचारी संगठन धरने में शामिल हुए।

यह भी पढ़ें:-मिशन 2022: प्रसपा के प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह होगा साइकिल! जानें क्यों?

संबंधित समाचार