बाराबंकी: धीरु हत्याकांड का एक साल बाद कोतवाली हैदरगढ़ पुलिस ने किया खुलासा
बाराबंकी। कोतवाली हैदरगढ़ अन्तर्गत बीते वर्ष 29 नवम्बर को घर से संदिग्ध अवस्था में लापता हुए युवक की हत्या उसके जीजा ने अपने एक साथी के साथ मिलकर हत्या की थी। पुलिस ने हत्या आरोपी जीजा और उसके साथी को गिरफ्तार कर लाश को एक जंगल से बरामद किया। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने इस गुडवर्क …
बाराबंकी। कोतवाली हैदरगढ़ अन्तर्गत बीते वर्ष 29 नवम्बर को घर से संदिग्ध अवस्था में लापता हुए युवक की हत्या उसके जीजा ने अपने एक साथी के साथ मिलकर हत्या की थी। पुलिस ने हत्या आरोपी जीजा और उसके साथी को गिरफ्तार कर लाश को एक जंगल से बरामद किया। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने इस गुडवर्क से खुश होकर पूरी पुलिस टीम को बधाई दी है।
जानकारी के अनुसार, कोतवाली हैदरगढ़ क्षेत्र के ग्राम कनवा निवासी धीरु कुमार पुत्र डाकू 29 नवम्बर 2020 की सुबह 9 बजे घर से अपनी बाइक से यह कहकर निकला था कि वह अपने जीजा के घर ग्राम पटवा खेरा थाना नगराम जा रहा है। लेकिन जब देर शाम तक धीरु ने अपने घर पर फोन नहीं किया तो उसके पिता को कुछ आशंका हुई। उसके बाद जब धीरु की तलाश में परिजनों ने खोजबीन शुरु की तो कहीं पर पता नहीं चला। परिजनों ने जब धीरु के जीजा अनूप से फोन पर जानकारी की तो उसने भी आनाकानी की। इसके बाद बीते वर्ष 4 दिसम्बर 2020 की शाम को धीरु के पिता डाकू ने कोतवाली हैदरगढ़ में अपने बेटे के अपहरण के बाद हत्या की आशंका जताते हुए एक तहरीर दी थी।
जिसमें अपने दामाद अनूप को नामजद किया था। तत्कालीन कोतवाली प्रभारी हैदरगढ़ ने मुकदमा दर्ज करने के साथ धीरु की तलाश शुरू की थी। लेकिन धीरु को तलाश करने में पुलिस सफल नहीं हो पायी थी। बीते 30 नवम्बर की शाम को कोतवाली प्रभारी हैदरगढ़ बृजेष कुमार वर्मा ने उक्त घटना के खुलासे के लिये सबसे पहले छापा मारकर धीरु के जीजा जनपद लखनऊ के थाना नगराम के ग्राम पटवाखेड़ा निवासी अनूप कुमार पुत्र गजराज को धर दबोचा और जब सख्ती से पूछतांछ की तो उसने सारी हकीकत बयां कर दी।
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पुलिस ने अनूप के गांव का ही निवासी उसका साथी विमलेश वर्मा पुत्र दिनेश वर्मा को गिरफ्तार किया। पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स ने धीरु हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुए बताया कि अनूप अपनी पत्नी से तंग रहता था जब भी अनूप अपनी पत्नी को कुछ कहता था तो उसके साले धीरु और ससुर डाकू घर पर आकर आरोपी अनूप को मारते और पीटते थे। इसी से तंग आकर अनूप ने धीरु को रास्ते से हटाने की साजिष शुरू कर दी थी। उसी साजिश के तहत बीते वर्ष 29 नवम्बर की सुबह उसने अपने साले को फोन किया और घर पर बुलाया जब साला धीरु नगराम पहुंचा तो अनूप और उसके साथी विमलेष ने नगराम में स्थित एक जंगल में जाकर पहले जमकर शराब पी और उसके बाद इन लोगों ने धीरु की गला दबाकर हत्या करने के बाद लाश को वहीं दफना दिया। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि मृतक का आधार कार्ड और उसके कपड़ों के साथ मृतक का अस्थिपंजर भी बरामद किया है। पुलिस अधीक्षक ने इस गुडवर्क से खुश होकर पुलिस टीम को बधाई दी है।
