बरेली: हैसियत प्रमाणपत्र बनवाने पर लगा रायफल क्लब का टैक्स

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राकेश शर्मा, बरेली,अमृत विचार। अब हैसियत प्रमाण-पत्र बनवाने के दौरान हर किसी को रायफल क्लब का ‘टैक्स’ भी भरना पड़ेगा। जो व्यक्ति प्रमाण-पत्र बनवा रहे हैं, उसके नाम पर रायफल क्लब की रसीद कटनी शुरू हो गई है। इस रसीद को भी हैसियत प्रमाण-पत्र की फाइल में लगाया जा रहा है। रायफल क्लब का राजस्व …

राकेश शर्मा, बरेली,अमृत विचार। अब हैसियत प्रमाण-पत्र बनवाने के दौरान हर किसी को रायफल क्लब का ‘टैक्स’ भी भरना पड़ेगा। जो व्यक्ति प्रमाण-पत्र बनवा रहे हैं, उसके नाम पर रायफल क्लब की रसीद कटनी शुरू हो गई है। इस रसीद को भी हैसियत प्रमाण-पत्र की फाइल में लगाया जा रहा है। रायफल क्लब का राजस्व बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने रसीद काटना अनिवार्य कर दिया है। हैसियत बनाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को निर्देशित कर दिया है। इस बीच प्रमाणपत्र बनवाने वाले 50 से अधिक लोगों के नाम पर रसीट काटी जा चुकी हैं।

जिलाधिकारी ने हैसियत के अनुसार रसीद काटने की धनराशि निर्धारित की है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) कार्यालय के सूत्र बताते हैं कि एक लाख से लेकर 25 लाख तक की हैसियत बनवाने वाले को एक हजार, 50 लाख तक वाले को 2 हजार, 50 लाख से 75 लाख तक की हैसियत बनवाने की पांच हजार की रसीद काटी जा रही है।

एक करोड़ तक हैसियत वाले की 10 हजार और एक करोड़ से डेढ़ करोड़ तक हैसियत बनवाने वाले व्यक्ति के नाम पर 15 हजार रुपये की रसीद काटी जाएगी। एक, दो, पांच हजार रुपये तक वाली रसीदें काटी जा चुकी हैं। सूत्रों ने यहां तक बताया कि रसीदों के जरिए एक लाख रुपये का शुल्क रायफल क्लब को प्राप्त हो चुका है।

इसलिए लोग बनवाते हैं हैसियत
सरकारी ठेका, बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों को बनाने का काम लेने, सड़क बनवाने या फिर बैंक से लोन निकालने आदि कामों में हैसियत प्रमाणपत्र लगाना अनिवार्य है। इसलिए बड़ी संख्या में लोग इस प्रमाणपत्र को बनवाते हैं। इसको बनवाने के लिए लोग बड़े-बड़े अधिकारियों से लेकर राजनीति से जुड़े लोगों और सांसद, विधायकों की सिफारिश तक लगवाते हैं।

अब प्रत्येक की अलग-अलग फाइल बनेंगी
हैसियत बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। इसमें राजस्व विभाग की रिपोर्ट बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। आवेदन करने वाले की चल और अचल संपत्ति का मूल्यांकन किया जाता है। उसी के आधार पर हैसियत निकालकर प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया शुरू होती है। ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान सभी विभागों की रिपोर्ट भी ऑनलाइन फीड होती है लेकिन अब जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को निर्देश दिए हैं कि हैसियत बनवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की फाइल अलग-अलग बनाएं। उस पर नोटिंग होगी। उसके बाद ही फाइल मेरे पास भेजी जाए। इस निर्देश के बाद कर्मचारियों का काम और बढ़ गया है।

नए शस्त्र व नवीनीकरण के लिए बिकने वाले फार्म से ही है आय
रायफल क्लब की कोई खास आय नहीं है। बरेली में करीब 47 हजार शस्त्र धारक हैं। इनके नवीनीकरण और नए शस्त्र बनवाने के दौरान रायफल क्लब से फार्म लेना पड़ता है। फार्म के एवज में मिलने वाला शुल्क ही क्लब की आय है। यहां शूटिंग रेंज भी है लेकिन 10 मीटर की रेंज मैनुअल होने से उससे आय न के बराबर है।

अन्य कोई आय नहीं होने की वजह से रायफल क्लब का सौंदर्यीकरण पिछले साल तक नहीं हुआ। बीच में तत्कालीन जिलाधिकारी नितीश कुमार ने स्मार्ट सिटी से ओपन जिम खुलवाने के साथ अन्य मद के बजट से रायफल क्लब के भवन का सौंदर्यीकरण कराकर फर्श पर टाइल्स भी बिछवाई थीं।

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