अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस : 11 महीने में मानवाधिकार उल्लंघन की 250 शिकायतें
मुरादाबाद, अमृत विचार। मानवाधिकारों के अनुपालन को सुदृढ़ बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय आयोग है, आज से नहीं 70 साल से फिर भी किसी न किसी के अधिकार हर दिन रौंदे जा रहे हैं। पिछले 11महीनों में मानवाधिकार उल्लंघन की 250 शिकायतें दर्ज हुईं हैं। जो पिछले साल की तुलना में दो गुना ज्यादा है। इससे …
मुरादाबाद, अमृत विचार। मानवाधिकारों के अनुपालन को सुदृढ़ बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय आयोग है, आज से नहीं 70 साल से फिर भी किसी न किसी के अधिकार हर दिन रौंदे जा रहे हैं। पिछले 11महीनों में मानवाधिकार उल्लंघन की 250 शिकायतें दर्ज हुईं हैं। जो पिछले साल की तुलना में दो गुना ज्यादा है। इससे साफ है कि लोगों में अधिकारों को लेकर लोगों की जागरूकता बढ़ रही है।
पुलिस पर भी लोगों के मानवाधिकार के उल्लंघन का आरोप है। इनमें पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं की गई। चोट का सही मेडिकल नहीं कराया, रिपोर्ट दर्ज कराने गए तो दुर्व्यवाहर किया गया। मानवाधिकार उल्लंघन पर पुलिस अधिकारियों की शिकायत की गई। नोडल अधिकारी मानवाधिकार एसपी देहात विद्यासागर मिश्र ने बताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार के 185 मामले दर्ज हुए, जबकि राज्य मानवाधिकार के 65 मामले दर्ज हुए हैं। इसमें महिलाओं द्वारा दहेज के लिए उत्पीड़न, भूमि विभाग और पुलिस विभाग से संबंधित मामले शामिल हैं।
केस 1
फिल्म अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ्तारी को लेकर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अधिकारियों के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोप है कि आर्यन खान को अवैध तरीके से गिरफ्तार किया गया था। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने यह कार्रवाई रामपुर के सूचना का अधिकार (आरटीआई) एक्टिविस्ट दानिश खां की शिकायत पर की है।
केस 2
गैंगरेप पीड़िता की उपेक्षा मामले में सिविल लाइंस थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर सुधीरपाल धामा व अगवानपुर चौकी प्रभारी राघवेंद्र सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। ये कार्रवाई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आदेश पर की गई। आरोप है कि दोनों ने गैंगरेप पीड़िता की शिकायत को नजरअंदाज किया। एसपी देहात विद्या सागर मिश्र के आदेश पर अगवानपुर चौकी के निवर्तमान प्रभारी राजेंद्र सिंह की तहरीर पर मुकदमा लिखा गया है। गजेंद्र त्यागी को मामले की विवेचना सौंपी गई है।
10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस मनाने का उद्देश्य
हर वर्ष 10 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है। सबसे पहले 10 दिसंबर 1948 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र ने मानवाधिकारों को अपनाने की घोषणा की। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस दिन की घोषणा 10 दिसंबर, 1950 में की गई। मानवाधिकार दिवस मनाने का मकसद लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। मानवाधिकार में स्वास्थ्य, आर्थिक सामाजिक, और शिक्षा का अधिकार भी शामिल हैं। मानवाधिकार वे मूलभूत अधिकार हैं, जिनसे मनुष्य को नस्ल, जाति, राष्ट्रीयता, धर्म, लिंग आदि के आधार पर प्रताड़ित नहीं किया जा सकता और उन्हें देने से वंचित नहीं किया जा सकता।
मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर जांच कराई जाती है। इसके बाद कार्रवाई की जाती है। पुलिस लाइन में मानवाधिकार प्रकोष्ठ में लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। जांच के बाद कार्रवाई की गई है। बबलू कुमार, एसएसपी
