शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी कांग्रेस और सपा ने किया जमकर प्रदर्शन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के शीतकालीन के दूसरे दिन भी विपक्षी दलों का हंगामा जारी है। लखनऊ में विधानसभा के सामने कांग्रेस के विधायकों ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद इनको समाजवादी पार्टी के 20 विधायकों का साथ मिल गया। इन सभी की मांग केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा दिल्ली को बर्खास्त करने की …

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के शीतकालीन के दूसरे दिन भी विपक्षी दलों का हंगामा जारी है। लखनऊ में विधानसभा के सामने कांग्रेस के विधायकों ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद इनको समाजवादी पार्टी के 20 विधायकों का साथ मिल गया। इन सभी की मांग केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा दिल्ली को बर्खास्त करने की मांग की है।

लखनऊ स्थित विधानसभा मार्ग पर विधान भवन के ठीक सामने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा के नेतृत्व में कांग्रेस के विधायकों ने प्रदर्शन किया। इन सभी ने विधानभवन के सामने प्रदर्शन किया। इन सभी की मुख्य मांग केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने की है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में लखनऊ में जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा से लेकर विधानसभा तक मार्च निकाला गया। इस दौरान कांग्रेस विधान परिषद दल के नेता दीपक सिंह ने भी केंद्रीय मंत्री की अभद्रता पर नाराजगी जताई।

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि जब तक अजय कुमार मिश्रा तेली को बर्खास्त नहीं किया जाएगा, हमारा विरोध जारी रहेगा। हम इस मुद्दे को बाहर भी उठाएंगे और विधानसभा में भी उठाएंगे। इस लड़ाई को मजबूती से अंजाम तक पहुंचाएंगे।

लखनऊ में विधानसभा प्रांगण में समाजवादी पार्टी के विधायकों के साथ विधान परिषद सदस्यों ने लखीमपुर खीरी से सांसद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा दिल्ली के पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार करने पर प्रदर्शन किया। इनकी मांग है कि टेनी को नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए।

पढ़ें- Vijay Diwas: 50वें विजय दिवस पर पीएम मोदी ने 1971 के युद्ध के शहीदों को किया नमन, ट्वीट कर कही ये बात…

उधर कांग्रेस के बड़े नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अजय कुमार मिश्रा टेनी को मीडिया को जवाब नहीं देना था तो वह चुप रह सकते थे। एक मंत्री का किसी को डराना धमकाना शोभा नहीं देता। लखीमपुर खीरी केस में एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद उन्हें खुद इस्तीफा दे देना चाहिए था। उसके लिए हमारा प्रदर्शन करना, मामले को सदन में उठाना ऐसा नहीं होना चाहिए था।

गौरतलब है कि बुधवार को लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा टेनी बुधवार को लखीमपुर हिंसा केस से जुड़े एक सवाल पर आपा खो बैठे। अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन करने गए केंद्रीय मंत्री ने एक इलेक्ट्रॉनिक चैनल के पत्रकार के सवाल पर पूरी मीडिया को उच्च और तक कह दिया। टेनी यहीं तक नहीं रुके, उन्होंने पत्रकार का कलर तक पकड़ने की कोशिश की। किसी तरह से लोगों ने उनको शांत तो करा दिया, लेकिन तब तक इंटरनेट मीडिया पर उनकी अभद्र टिप्पणी का वीडियो वायरल हो चुका था।

दरअसल, लखीमपुर खीरी हिंसा केस में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र समेत 13 आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मामले में विवेचक इंस्पेक्टर विद्या राम दिवाकर की सीजेएम चिंताराम ने मंगलवार को विवेचक की अर्जी को मंजूरी देते हुए दुर्घटना में मौत की धाराओं को हटाते हुए जानलेवा हमला, गंभीर चोट कारित करना व शस्त्र अधिनियम की धाराएं बढ़ाने की अनुमति प्रदान कर दी है।

संबंधित समाचार