संभल : ‘यशोदा मां की है यह पुकार, चुनाव में दबाएंगी नोटा इस बार’
संभल, अमृत विचार। लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को सरकार के खिलाफ धरना दिया। इस दौरान उन्होंने सरकार को जमकर कोसा। विरोधस्वरूप नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने के बाद उन्होंने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। उसमें मांगें पूरी न होने पर विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों का बहिष्कार करने का …
संभल, अमृत विचार। लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को सरकार के खिलाफ धरना दिया। इस दौरान उन्होंने सरकार को जमकर कोसा। विरोधस्वरूप नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने के बाद उन्होंने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा। उसमें मांगें पूरी न होने पर विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों का बहिष्कार करने का एलान किया है। उनका कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का हल नहीं निकला तो वे इस बार चुनाव में नोटा का बटन दबाने को बाध्य होंगी।
जिलाध्यक्ष विनीत शर्मा ने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बिना पेंशन रिटायर कर भुखमरी भरा जीवन जीने के लिए छोड़ दिया है। पिछले चार सालों से वादे करके सरकार धोखा दे रही है। वे सन 2018 से लगातार मांगों को लेकर लड़ रही हैं। आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। 2021 में मुख्यमंत्री ने लाइव प्रसारण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को यशोदा मां का दर्जा देते हुए 1500 रुपये प्रोत्साहन राशि देने की बात कही थी। लेकिन, सारे वादे हवा हो गए। कहा कि वे दिन में आठ घंटे मेहनत व ईमानदारी से ड्यूटी निभाती हैं।
उसके बाद भी उन्हें नजरंदाज किया जा रहा है। अपने काम के साथ उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में भी सेवाएं दीं फिर बीएलओ ड्यूटी भी की। अब शिक्षा विभाग में पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। जिला सचिव स्नेहलता ने कहा कि इतने काम करने के बाद अगर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने लिए सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मांग रही हैं तो बुरा क्या है।
सरकार हर बार वादा करके धोखा दे जाती है। कहा कि इस बार वे सरकार के धोखे में नहीं आने वाली हैं। 2004 से सरकार हमें छलती आ रही है। मांग की कि 2018 में हुआ समझौता लागू किया जाए, प्रोत्साहन भत्ता न देकर मानदेय में बढ़ोतरी की जाए, खाली पदों पर जल्दी भर्ती की जाएं तथा प्रमोशन, समायोजन व स्थानांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो 2022 के चुनाव में सारे राजनीतिक दलों का बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान सबने यशोदा मां की है यह पुकार, चुनाव में दबाएंगी नोटा इस बार का नारा भी लगाया।
