बरेली: काव्या के इलाज के लिए आगे आने लगे लोग, पूछ रहे मदद का जरिया, मासूम की हालत में अब पहले से सुधार
बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बरेली के भोजीपुरा में तीन दिन पहले वहशी ने मासूम काव्या का गाल नोंच-नोंचकर खा डाला था। तब से उसका भोजीपुरा के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पीड़िता काव्या के गाल की सर्जरी होनी है। जिसमें डॉक्टरों ने करीब दो लाख रूपए का खर्चा बताया है। काव्या …
बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बरेली के भोजीपुरा में तीन दिन पहले वहशी ने मासूम काव्या का गाल नोंच-नोंचकर खा डाला था। तब से उसका भोजीपुरा के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पीड़िता काव्या के गाल की सर्जरी होनी है। जिसमें डॉक्टरों ने करीब दो लाख रूपए का खर्चा बताया है। काव्या के पिता सुनील के पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं है। जिससे वह उसका इलाज करा सके। अमृत विचार ने काव्या के पिता की मजबूरी की खबर को प्रमुखता से पब्लिश किया था। जिसके बाद अब लोग मदद करने के लिए आगे आने लगे है। वह मदद करने का जरिया पूछ रहे है। उनका कहना है कि वह काव्या के इलाज लिए कुछ धनराशि देने चाहते है। जिससे उस मासूम का इलाज हो सके।
इस तरह से कर सकते है मदद
जब इस बारे में काव्या के पिता सुनील से बात की गई। तो उन्होंने कहा गया कि जो लोग उनकी मदद करना चाहते है तो उनके बैंक खाते में सीधे धनराशि भेज सकते है। या फिर यूपीआई (UPI) के माध्यम से पेमेंट कर सकते है। यूपीआई के लिए उन्होंने अपना मोबाइल नंबर भी दिया। काव्या के पिता का मोबाइल नंबर 9520726198 है। इसी नंबर पर UPI के माध्यम से मदद की जा सकती है।
बैंक अकाउंट की जानकारी
नाम: सुनील कुमार
अकाउंट नंबर : 07660110107881
IFSC Code: ucba 0000766
क्या था पूरा मामला, एक नजर में
दरअसल, भोजीपुरा के धौंराटांडा मे बुधवार शाम बच्चे अपने घरों के आगे खेल रहे थे। उन्हीं बच्चों में काव्या भी शामिल थी। उसी वक्त शेरगढ़ इलाके के खजुआ जागीर गांव का रहने वाला छेदालाल शराब के नशे में वहां पर पहुंचा और काव्या को पकड़ लिया। उसे जबरदस्ती दबोचकर उसके गाल को दांतों से नोंचकर खाने लगा। शोर और चीखपुकार सुनकर जब तक परिजन मौके पर पहुंचे तब तक छेदालाल उसका पूरा गाल खा चुका था। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उसका इलाज भी जिला अस्पताल में कराया जा रहा है।
नोट: काव्या के पिता की मदद करने वाले अमृत विचार संस्थान को भी अवगत जरूर कराएं। जिससे उनके बारे में भी प्रमुखता से पब्लिश किया जा सके।
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