70 साल से निषाद समाज को बेईमानों ने ठगा.. अब मिलेगा न्याय : संजय निषाद
लखनऊ। भाजपा-निषाद पार्टी की संयुक्त रैली में निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने सपा, बसपा और कांग्रेस को आरक्षण मुद्दे पर जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि हमें बेईमान वाला आरक्षण नहीं बल्कि संविधान वाला आरक्षण चाहिए। हमें रूकाऊ नहीं टिकाऊ आरक्षण चाहिए। योगी सरकार इस मामले पर सार्थक पहल की है हमारा …
लखनऊ। भाजपा-निषाद पार्टी की संयुक्त रैली में निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने सपा, बसपा और कांग्रेस को आरक्षण मुद्दे पर जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि हमें बेईमान वाला आरक्षण नहीं बल्कि संविधान वाला आरक्षण चाहिए। हमें रूकाऊ नहीं टिकाऊ आरक्षण चाहिए। योगी सरकार इस मामले पर सार्थक पहल की है हमारा आरक्षण मामला अब निर्णायक स्तर पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि हमें चौकन्ना रहना है क्योंकि सपा-बसपा और कांग्रेस गिद्ध की तरह हमारे आरक्षण को रुकवाने के प्रयास में हैं।
निषाद समाज पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर पिछली सरकारें ढुलमुल रवैया अपनाती रहीं। ऐसा लिखकर देते कि कोर्ट में जाकर रुक जाए। साइकिल लिखकर देता था हाथी स्टे ले लेता था। उन्होंने जनता से पूछा कि आपको अब बेईमान वाला आरक्षण चाहिए कि संविधान वाला आरक्षण चाहिए। उन्होंने बताया कि संविधान में केवट-मल्लाह नहीं लिखा है वहां मंझवारा और तुरैहा लिखा है। पिछली सरकारों ने संविधान को खाने का काम किया।
पिछली सरकारों ने संविधान के पन्ने को बर्बाद किया। उस समय हमारी संख्या 70 लाख होती थी उन पार्टियों ने अपनी कलम से हम लोगों को मारकर तीन हजार कर दिया। उन्होंने कहा कि इन साइकिल, हाथी और पंजे वाली पार्टियों को अगर मारना है तो इनके निशानों की तरफ देखना नहीं है। इन पार्टियों ने हमें संविधान से कोसों दूर किया। अब हमारे मंच पर खुद जज और खुद मालिक बैठे हैं ऐसे में हमें अब टिकाऊ आरक्षण मिलना तय है। अब एनडीए की सरकार बनाना है और अपना अधिकार वापस पाना है।
शिक्षक अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन
रैली के दौरान अचानक शिक्षक अभ्यर्थी पहुंच गए। उस समय मुख्यमंत्री का संबोधन चल रहा था, उन्होंने शिक्षक भर्ती में आरक्षण दिए जाने की मांग उठाई और नारे लगाने लगे। इस दौरान पुलिस ने पहले उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन जब अभ्यर्थी नहीं माने तो दर्शक दीर्घा में पहुंचकर सख्ती दिखाई। जिस पर वहां मौजूद अभ्यर्थी वहां से निकलकर भाग निकले। इससे कुछ समय के लिए दर्शक दीर्घा में अफरा-तफरी मच गई।
आरक्षण की घोषणा न होने निषाद समाज के लोग में आक्रोश
रैली में उम्मीद जताई जा रही थी कि केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह आरक्षण की घोषणा करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस पर वहां पर मौजूद निषाद समाज के लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने कहा कि यदि आरक्षण नहीं दिया गया तो वहां अपना वोट नहीं देंगे।
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