एंटीलिया बम धमकी मामला: उच्च न्यायालय ने गौड़ की जमानत के खिलाफ एनआईए की अपील की खारिज
मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने एंटीलिया बम धमकी मामले में आरोपी नरेश गौड़ की जमानत के खिलाफ राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की अपील मंगलवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति नितिन जामदार और न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल ने 20 नवंबर को विशेष एनआईए अदालत की ओर से गौड़ को दी गई जमानत के खिलाफ केंद्रीय एजेंसी की …
मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने एंटीलिया बम धमकी मामले में आरोपी नरेश गौड़ की जमानत के खिलाफ राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की अपील मंगलवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति नितिन जामदार और न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल ने 20 नवंबर को विशेष एनआईए अदालत की ओर से गौड़ को दी गई जमानत के खिलाफ केंद्रीय एजेंसी की याचिका खारिज करते हुए रेखांकित किया कि एनआईए के अपने आरोप पत्र में कहा गया है कि गौड़ का मामला अन्य आरोपियों से अलग है।
पीठ ने रेखांकित किया कि विशेष अदालत ने टिप्पणी की थी कि प्रथमदृष्टया यह नहीं लगता कि गौड़ को विस्फोटक लदे वाहन और धमकी भरा पत्र दक्षिण मुंबई स्थित उद्योगपति मुकेश अंबानी के अवास एंटीलिया के नजदीक रखने की विस्तृत साजिश या उसके बाद कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या की जानकारी थी। उच्च न्यायालय ने यह भी रेखांकित किया कि गौड़ 21 मार्च से ही हिरासत में है और जमानत पर उसके फरार होने की संभावना कम है।
गौड़ पर मुख्य आरोपी और मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी सचिन वाजे केलिए सिम कार्ड हासिल करने का आरोप है अदालत ने कहा, ”हमने प्रतिवादी संख्या एक (गौड़) के खिलाफ पेश सामग्री की स्वतंत्र रूप से आकलन किया। हम जमानत आदेश में हस्तक्षेप का कोई कारण नहीं पाते।
