लखनऊ: सपा नेताओं के घर IT की छापेमारी में बड़ा खुलासा, 86 करोड़ से अधिक की अघोषित सम्पत्ति बरामद…
लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश के करीबी नेता और व्यवसाइयों के ठिकानों पर तीन दिन चली छापेमारी में आयकर विभाग को बड़ी सफलता मिली है। एक कंपनी के मामले में इसके निदेशकों की 86 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता चला है। कंपनी से संबंधित व्यक्ति ने अपनी अघोषित आय के रूप में …
लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश के करीबी नेता और व्यवसाइयों के ठिकानों पर तीन दिन चली छापेमारी में आयकर विभाग को बड़ी सफलता मिली है। एक कंपनी के मामले में इसके निदेशकों की 86 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का पता चला है। कंपनी से संबंधित व्यक्ति ने अपनी अघोषित आय के रूप में 68 करोड़ रुपये की आयकर चोरी स्वीकार की है। यह जानकारी आयकर आयुक्त एवं प्रवक्ता सीबीडीटी सुरभि अहलूवालिया ने दी।
उन्होंने बताया कि एक प्रकरण में पिछले कुछ वर्षों के दौरान 150 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार से संबंधित लेखा बही खातों में प्रस्तुत नहीं किया जा गया है। एक अन्य संस्था की जांच में पाया गया कि उसने अपनी अघोषित आय और निवेश को छुपाने के लिए मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल किया है। जांच के दौरान 12 करोड़ रुपये के ऐसे अस्पष्ट निवेश की पहचान की गई है। एक अन्य व्यक्ति के केस में एक मुखौटा कंपनी में 11 करोड़ रुपये के रहस्यमय निवेश और 3.5 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्तियों में निवेश की पहचान की गई है।
राजधानी लखनऊ सहित आगरा, मैनपुरी, मऊ के साथ कोलकाता, बेंगलुरु और एनसीआर सहित विभिन्न स्थानों में 30 से अधिक परिसरों पर आयकर विभाग की टीमों ने 18 दिसंबर को एक साथ छापेमारी की थी। लखनऊ में अखिलेश के ओएसडी रहे जैनेंद्र के गोमती नगर स्थित आवास और व्यापारी राहुल भसीन के घर और व्यापार स्थल पर छापेमारी की थी। इसके अलावा मैनपुरी में मनोज यादव के घर और मऊ में सपा के राष्ट्रीय सचिव राजीव राय के यहां तीन दिनों तक लगातार छापेमारी चली।
जालसाज कंपनियों के माध्यम से किया करोड़ों का लेनदेन
आयकर आयुक्त ने बताया कि कोलकाता स्थित एक आवास प्रवेश प्रदाता व्यक्ति को भी जांच में शामिल किया गया था। जांच में यह पाया गया कि इन जालसाज कंपनियों के माध्यम से एंट्री ऑपरेटर ने 408 करोड़ रुपये की फर्जी शेयर पूंजी और 154 करोड़ रुपये के फर्जी असुरक्षित ऋण की आवास प्रविष्टियां प्रदान करने के लिए विभिन्न मुखौटा कंपनियों का गठन किया था। तलाशी अभियान के दौरान हवाला लेनदेन का पर्याप्त मात्रा में डिजिटल डेटा भी मिला, जिसे जब्त किया। एंट्री ऑपरेटर ने इसे स्वीकार किया है और 5 करोड़ रुपये की बेहिसाब कमीशन आय का भी खुलासा किया।
बेंगलुरु के ट्रस्ट ने केरल में दिया 80 लाख का फंड
आयकर आयुक्त ने बताया कि कार्रवाई में बेंगलुरु स्थित ट्रस्ट और उससे संबंधित संस्थाओं के बारे में यह पता लगा कि 80 लाख रुपये की धनराशि ट्रस्ट फंड दान की आड़ में गैर-भरोसेमंद उद्देश्यों के लिए केरल स्थित कुछ संस्थाओं को हस्तांतरित की गसी। जिसमें मरकज़ु सकफाथी सुन्निया ट्रस्ट और मरकज नॉलेज सिटी ट्रस्ट शामिल हैं, जो खाड़ी देशों से जुड़े हुए हैं और इससे न्यासियों को लाभ मिलना है। पिछले तीन वर्षों में न्यासियों के व्यक्तिगत लाभ के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये के कैपिटेशन शुल्क के संग्रह के बारे में और ट्रस्ट के खाते से किए गए 4.8 करोड़ रुपये से अधिक के खर्च के संबंध में साक्ष्य मिले हैं।
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