शिक्षक भर्ती पर योगी सरकार का बड़ा फैसला, अभ्यर्थियों को दी ये बड़ी राहत
लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद की 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के तहत 23 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इसके अलावा छह हजार आरक्षित वर्ग को भी भर्ती का मौका दिया गया है। 17 हजार पदों पर नई भर्ती की घोषणा भी की गयी है। इस बारे में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सतीश द्विवेदी …
लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद की 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के तहत 23 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इसके अलावा छह हजार आरक्षित वर्ग को भी भर्ती का मौका दिया गया है। 17 हजार पदों पर नई भर्ती की घोषणा भी की गयी है। इस बारे में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सतीश द्विवेदी ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिया है। मंत्री इसकी घोषणा अपने ट्वीटर एकाउंट पर भी की है। डॉ द्विवेदी ने बताया कि 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण की प्रक्रिया में विसंगति से प्रभावित लगभग 6000 अभ्यर्थियों की भर्ती की जाएगी।
इसके अलावा 17000 खाली पदों पर नई भर्ती भी होगी। उन्होंने बताया कि 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण की विसंगति को दूर करने के लिए आरक्षित वर्ग के प्रभावित अभ्यर्थियों की भर्ती की जाएगी, जिसकी प्रक्रिया शुक्रवार से ही शुरू कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि राज्य सूचना विज्ञान केन्द्र को प्रक्रिया का ब्योरा उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके बाद आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की चयन सूची 28 दिसंबर तक तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सूचना विज्ञान केन्द्र की ओर से प्राप्त कराई गई चयन सूची का परीक्षण 29 दिसंबर तक किया जाएगा। राज्य सूचना विज्ञान केन्द्र की वेबसाइट पर सूची का प्रकाशन भी 30 दिसंबर को कर दिया जाएगा। सूची प्रकाशित होने के बाद जिले स्तर पर नए साल पर छह जनवरी को नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे।
डेढ़ साल से आंदोलन कर रहे हैं अभ्यर्थी
69 हजार शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थी लम्बे समय से संघर्षरत हैं और डेढ़ साल से आंदोलन कर रहे हैं। इनका आरोप है कि अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित 18598 सीटों में से 5844 सीटें सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को दे दी गई हैं। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी सरकार को इस मामले में पत्र भेजा है। ये अभ्यर्थी विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से मिल कर अपनी बात कहते आ रहे हैं। इसको लेकर गुरुवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण की विसंगति को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने मुलाकात की थी। सीएम योगी ने इसका संज्ञान लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग को समस्या के त्वरित और न्यायसंगत समाधान के लिए निर्देश भी दिए हैं।
विधानपरिषद में भी सरकार को देना पड़ा था जवाब
भर्ती को लेकर प्रदेश सरकार कई बार अपना पक्ष रख चुकी है और किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार कर रही है। सरकार को विपक्ष के हंगामे के बाद पिछले सत्र में विधानपरिषद में जवाब भी देना पड़ा था। तब सरकार ने कहा था कि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित 18,598 पदों के सापेक्ष 31,228 अभ्यर्थियों की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से भर्ती हुई है। इसमें तय आरक्षण से अधिक ओबीसी और एससी अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। पिछड़ा वर्ग के 12,630 अभ्यर्थी अनारक्षित श्रेणी में अपनी दक्षता के आधार पर चयनित हुए।
इधर डीएलएड अभ्यर्थी आक्रोशित
वहीं दूसरी ओर डीएलएड अभ्यर्थियों की बेसिक शिक्षक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने की मांग तेज हो गई है। डीएलएड अभ्यर्थियों की मांग है कि बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक बनने का सपना लेकर लाखों प्रशिक्षितों ने विषम परिस्थितियों से लड़कर डेढ़ से दो लाख रुपये खर्च कर प्रशिक्षण लिया है। लेकिन शिक्षकों के लिए अभी तक विज्ञापन नहीं जारी किया गया है। इससे छात्रों में निराशा है। अभ्यर्थियों ने कहा कि डीएलएड और बीएड दोनो की शैक्षिक अर्हताएं समान हैं। लेकिन डीएलएड के अधिकारों को सीमित कर दिया गया है, बीएड डिग्री धारक प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक आवेदन कर सकते हैं। बेसिक में भर्ती न आने से अब डीएलएडधारी दर दर भटक रहे हैं।
68,500 भर्ती वाले पानी टंकी पर चढे अभ्यर्थी
वहीं बेसिक शिक्षा निदेशालय निशातगंज कार्यालय के पीछे 68500 शिक्षक भर्ती मामले में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पिछले छह माह से अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें कुछ अभ्यर्थी पानी की टंकी पर भी चढे हैं, अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है, और अयोग्य को चयनित किया गया, जबकि योग्य अभ्यर्थी सड़क पर हैं।
यह भी पढ़ें:-अयोध्या: जीआईसी में 31 दिसम्बर को गृह मंत्री अमित शाह करेंगे जनसभा
