कोरोना के वेरिएंट ओमीक्रॉन के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग कराएगा ‘सीरो सर्वे’
लखनऊ। कोरोना की संभावित तीसरी लहर और वेरिएंट ओमीक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ‘सीरो सर्वे’ कराने का निर्णय लिया है। राजधानी में सोमवार से तीसरी बार ‘सीरो सर्वे’ कराया जाएगा। इसके तहत केजीएमयू में नमूनों की जांच की जाएगी। तीसरी लहर से पहले स्वास्थ्य विभाग लोगों में कोरोना वायरस को …
लखनऊ। कोरोना की संभावित तीसरी लहर और वेरिएंट ओमीक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ‘सीरो सर्वे’ कराने का निर्णय लिया है। राजधानी में सोमवार से तीसरी बार ‘सीरो सर्वे’ कराया जाएगा। इसके तहत केजीएमयू में नमूनों की जांच की जाएगी। तीसरी लहर से पहले स्वास्थ्य विभाग लोगों में कोरोना वायरस को लेकर प्रतिरोधक क्षमता की जांच कराएगा। इसके लिए 10 टीमों का गठन किया गया है। हर टीम में चार सदस्य होंगे।
डिप्टी सीएमओ डॉ. मिलिंद वर्धन ने बताया कि पूरे सर्वे के दौरान करीब 100 लोगों के सैम्पल जमा किए जाएंगे। इसके लिए कैटेगरी भी तय की गई है। केंद्र सरकार की ओर से उनके नाम भेजे गए हैं। हर कैटेगरी में 20 लोगों के सैम्पल लिए जाएंगे।
क्या है ‘सीरो सर्वे’
सीरो सर्वे में यह जांच की जाती है कि कितनी आबादी में संक्रमण के खिलाफ एंटीबाडी बन चुकी है। जब भी हमारे शरीर पर कोई वायरस या बैक्टीरिया अटैक करता है तो शरीर उसके खिलाफ एंटीबाडी बनाता है। यह एंटीबाडी विशेष प्रकार का प्रोटीन होती है और वायरस या बैक्टीरिया और किसी भी संक्रमण से शरीर को बचाती हैं। अगर किसी इंसान के शरीर में इसकी एंटीबाडी मिलती हैं तो इसका मतलब ये है कि उस व्यक्ति को अब कोरोना संक्रमण का खतरा बेहद कम है।
लखनऊ: कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से लोहिया संस्थान में टले ऑपरेशन, जांचें भी ठप
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में चतुर्थ श्रेणी कर्मी के अपहरण के 10 दिन बाद भी पुलिस के एक्शन न लेने से नाराज नियमित कर्मियों ने आज सोमवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है, कार्य बहिष्कार के परिणाम स्वरूप जहां मरीजों के ऑपरेशन टल गये हैं। वहीं पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी की जांचें भी ठप हो गयी हैं।
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