बहराइच: जंगल में बढ़ी हलचल तो बाहर आने लगे वन्यजीव, देखें तस्वीर

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बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में लोगों की हलचल काफी बढ़ गई। ऐसे में जंगल में बढ़ी हलचल से वन्यजीव गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। इतना ही नहीं कई वन रेंज में जंगल का दायरा भी काफी कम हो जा रहा है। वन रेंज के कई बीट ऐसे हैं, जहां एक भी पेड़ नहीं …

बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में लोगों की हलचल काफी बढ़ गई। ऐसे में जंगल में बढ़ी हलचल से वन्यजीव गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। इतना ही नहीं कई वन रेंज में जंगल का दायरा भी काफी कम हो जा रहा है। वन रेंज के कई बीट ऐसे हैं, जहां एक भी पेड़ नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में जंगली जीव मजबूरी में गांवों की ओर रुख करते हैं।

कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग 550 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। वन्यजीव प्रभाग में बाघ, तेंदुआ, हिरन, चीतल, वनरोज समेत अन्य जंगली जीव विचरण करते हैं। लेकिन अब वन्यजीव काफी मात्रा में जंगल के बजाए गांव की ओर रुख कर रहे हैं। इससे आए दिन गांव में तेंदुए और बाघ ग्रामीणों पर हमला कर रहे हैं। लगातार ग्रामीणों पर हमले होने से इन सभी की नाराजगी भी बढ़ रही है। वन्यजीव विशेषज्ञ के मुताबिक बीते कुछ साल में कतर्नियाट जंगल का दायरा भी कम हो गया है।

कहीं जंगल की जमीन पर ग्रामीण काबिज हैं तो कहीं पेड़ ही नहीं बचे हैं। यह वन्यजीवों के लिए खतरे की घंटी है। प्रभागीय वनाधिकारी आकाशदीप वधावन ने बताया कि जंगल का दायरा कम नहीं हुआ है। बल्कि जंगल में हलचल काफी बढ़ गई है। साथ ही बाघ और तेंदुओं की संख्या में इजाफा भी हुआ है। ऐसे में जीवों के हिसाब से उनके रहने का स्थान कम हो सकता है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा पेड़ कटान की जाती है तो बारिश के मौसम में पौधरोपण भी किया जाता है।

यहां पेड़ ही गायब हैं

ककरहा रेंज के धमाका बीट, मुर्तिहा और मोतीपुर रेंज के कई बीट ऐसे हैं, जहां पेड़ ही नहीं है। जबकि पौधरोपण हमेशा किया जाता है। ऐसे में जंगली जीवों के रहन सहन पर खतरा हो सकता है।

काफी बढ़ी है हलचल

कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में 83 गांव ऐसे बसे हुए हैं। जो जंगल परिक्षेत्र या उससे सटे में हैं। इससे हलचल काफी बढ़ गई। बढ़ रही हलचल के चलते जंगली जीव बाहर निकल रहे हैं…आकाशदीप वधावन, डीएफओ।

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