अखिलेश व जयंत के बीच दो घंटे अधिक चली बातचीत, लेकिन नहीं निकला नतीजा
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी की गुरुवार को राजधानी के जनेश्वर ट्रस्ट में मुलाकात हुई। बैठक में करीब दो घंटे से ज्यादा बातचीत हुई। फिलहाल विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। ऐसे में अखिलेश ने ट्वीट करते हुए लिखा …
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी की गुरुवार को राजधानी के जनेश्वर ट्रस्ट में मुलाकात हुई। बैठक में करीब दो घंटे से ज्यादा बातचीत हुई। फिलहाल विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। ऐसे में अखिलेश ने ट्वीट करते हुए लिखा उत्तर प्रदेश के भविष्य को लेकर बात हुई है। इसी तरह जयंत ने भी फोटो के साथ ट्वीट करते हुए प्रदेश के विकास का जिक्र किया है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो 30 से 32 सीटों को लेकर दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई। इसमें कुछ सीटों को लेकर सहमति बनी है लेकिन अखिलेश और जयंत ने इस बात पर कोई खुलासा नहीं किया है। वहीं, मुजफ्फरनगर और मेरठ की कुछ सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों पार्टी के बीच कुछ संशय अभी बरकरार है। अभी इस पर कुछ स्थिति स्पष्ट होना शेष रहा गया है। साथ ही सीटों में जातिगत समीकरणों का ध्यान कैसे रखा जाए ताकि जाट-मुस्लिम समीकरण का बेहतरीन तालमेल रहे जैसे विषयों पर भी बातचीत की गई है।
दरअसल, पिछले साल चौधरी अजीत सिंह के निधन के बाद जयंत चौधरी के सामने अपनी पार्टी के खोते जनाधार को बचाने की चुनौती है। किसान आंदोलन ने जयंत को वो मौका भी दिया है। जंयत पिछले एक साल से जिस तरह आंदोलनकारियों के साथ खड़े रहे, उससे भी इन्हें खूब सहानभूति मिली।
अब जयंत को लगता है कि पश्चिमी यूपी में जाट-सिख और मुस्लिमों की लामबंदी के बदौलत रालोद फिर से अपनी खोई ताकत वापस पा सकती है इसीलिए जंयत अब इसका भरपूर फायदा उठाना चाहते हैं। साथ ही अखिलेश भी पश्चिम यूपी में सपा की पैठ को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। यह दोनों नेताओं की सीटों के बंटवारे को लेकर दूसरी मुलाकात है लेकिन अभी तक इस पर कोई नेता और उनके पदाधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं।
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