लखनऊ: ट्रेन से राजधानी आ रहे हजारों यात्री, हो रही मात्र दस फीसदी की जांच, जानें
लखनऊ। ट्रेन से आने वालों में कोविड संक्रमित मरीजों की संख्या अधिक मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग ने कई बार इस बात की जानकारी दी है। इसके बावजूद अन्य राज्यों से ट्रेनों से आने वाले यात्रियों की जांच नहीं हो पा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मात्र 10 प्रतिशत ही जांच रेलवे स्टेशनों पर …
लखनऊ। ट्रेन से आने वालों में कोविड संक्रमित मरीजों की संख्या अधिक मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग ने कई बार इस बात की जानकारी दी है। इसके बावजूद अन्य राज्यों से ट्रेनों से आने वाले यात्रियों की जांच नहीं हो पा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मात्र 10 प्रतिशत ही जांच रेलवे स्टेशनों पर हो रही है। अन्य यात्री बिना जांच के ही निकल रहे हैं।
ट्रेन से स्टेशन आ रहे लोग बचकर निकल जा रहे
विभागीय अधिकारियों के अनुसार लखनऊ के चारबाग, लखनऊ जंक्शन, ऐशबाग, सिटी स्टेशन पर दिल्ली, मुंबई, पंजाब, अहमदाबाद व दक्षिण भारत की ट्रेनों से यात्री आ रहे हैं। रोजाना तकरीबन 15 से 17 हजार यात्री यहां आ रहे हैं, लेकिन मात्र दस फीसदी तकरीबन दो हजार लोगों की ही कोविड जांच की जा रही है। साथ ही जिनकी जांच की जा रही है, उनमें 30 फीसदी संक्रमित मिल रहे है। बावजूद रेलवे और मेडिकल विभाग के कर्मचारियों ने उदासीन रुख अपना रखा है। अन्य राज्यों से लखनऊ में उतरने वाले यात्री बिना कोविड जांच के शहर में जा रहे हैं और अन्य लोगों को संक्रमित कर रहे हैं।
थर्मल स्कैनिंग की भी व्यवस्था नहीं
कोविड संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान आने वाली ट्रेनों से यात्रियों को सुरक्षा व्यवस्था के बीच लाइन लगाकर बाहर निकाला जाता था। इस दौरान हर यात्री की थर्मल स्कैनिंग और आरटीपीसीआर जांच की जा रही थी। लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं है। ट्रेन रुकते ही यात्री बाहर निकल जाते हैं। किसी तरह से उन पर रोक नहीं लगाई जाती है। इनकी थर्मल स्कैनिंग की भी व्यवस्था नहीं है।
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चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर तैनात जांच टीम के अधिकारियों ने इस बात का स्वीकार किया कि यात्रियों के कारण संक्रमण तेजी से बढ़ हा है। यात्रियों का आरटीपीसीआर जांच तो हो रही है लेकिन रिपोर्ट दो दिन बाद आ रही है। इस दौरान यात्री पर किसी तरह का अंकुश नहीं रहता है और वह इधर उधर घूमता रहता है। ऐसे में संक्रमित यात्री अन्य लोगों को भी संक्रमित करता है। बताते चले कि शुक्रवार को मुंबई से लखनऊ पहुंची पुष्पक ट्रेन से 500 से अधिक यात्री लखनऊ पहुंचे। यहां पर मात्र 47 यात्रियों की जांच की गई। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की जांच के लिए की गई व्यवस्थाएं ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है।
