मुरादाबाद में सपा के दो विधायक विद्रोह पर उतरे

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आशुतोष मिश्र/अमृत विचार। समाजवादी गढ़ में सब कुछ ठीक नहीं है। टिकटों के ऐलान के साथ सपा में विद्रोह शुरू हो गया है। यानी यहां सपा की साइकिल का पहिया जाम हो सकता है। शहर, कांठ और कुंदरकी क्षेत्र के उम्मीदवारों का विरोध जारी है। इसे लेकर पार्टी के रणनीतिकारों के होश उड़े हुए हैं। कुंदरकी …

आशुतोष मिश्र/अमृत विचार। समाजवादी गढ़ में सब कुछ ठीक नहीं है। टिकटों के ऐलान के साथ सपा में विद्रोह शुरू हो गया है। यानी यहां सपा की साइकिल का पहिया जाम हो सकता है। शहर, कांठ और कुंदरकी क्षेत्र के उम्मीदवारों का विरोध जारी है। इसे लेकर पार्टी के रणनीतिकारों के होश उड़े हुए हैं।

कुंदरकी के विधायक हाजी रिजवान ने विद्रोह करके चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। शनिवार को लखनऊ से शहर पहुंचे देहात विधायक के बोल बिगड़ गए। उन्होंने संकेत में पार्टी नेतृत्व पर भी सवाल उठा दिए। हाजी रिजवान तीन बार से विधायक हैं। वर्ष 1996 में पार्टी ने पहली बार मौका दिया और विधायक चुन लिए गए। इस बार उन्हें टिकट नहीं दिया गया है। बिलारी के विधायक हाजी रिजवान ने शनिवार को डोमघर स्थित अपने निवास पर समर्थकों और कार्यकर्ताओं से दोटूक बातचीत की। इस सीट से पार्टी ने संभल के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क के पोते जियाउर्रहमान बर्क को उम्मीदवार बनाया है। इससे नाराज हाजी रिजवान ने ऐलान कर दिया है कि वह विद्रोह करके चुनाव लड़ेंगे। जल्द ही दल का ऐलान भी कर देंगे।

उधर, मुरादाबाद देहात के विधायक हाजी इकराम कुरैशी ने टिकट वितरण पर अपना गुस्सा सार्वजनिक कर दिया। मीडिया से बातचीत में कहा कि 28 साल से पार्टी की सेवा कर रहा हूं। पांच साल राज्य मंत्री और पांच साल विधायक के रूप में जनता की सेवा की है। कुछ लोग मुसलमानों की अधिक खिदमत से नाराज हैं। शायद इसीलिए मुझे टिकट से वंचित होना पड़ा।

बातचीत में हाजी इकराम तल्ख होते गए और पार्टी के निर्णय को चुनौती दे डाली। यहां तक कह डाला कि मैं मीट का कारोबार नहीं करता। प्रतिबंधित पशु का नाम लेकर कहा कि अगर उसे कटवाता और दौलत लुटाता तो मुझे टिकट मिल जाता। इकराम ने इसके बाद खुद को संभालने का प्रयास किया। लेकिन, देहात के उम्मीदवार मीट कारोबारी हाजी नासिर के समर्थन में चुनाव प्रचार के मुद्दे पर खामोश हो गए। बोले, जल्द कार्यकर्ताओं से राय-मशविरा करूंगा। कार्यकर्ताओं की राय के बाद अगला कदम उठाऊंगा। वर्ष 2017 के चुनाव में सपा ने जिले में शानदार प्रदर्शन किया।

छह सीटों में चार क्षेत्रों से पार्टी के विधायक चुने गए। जबकि दो सीटों पर मामूली बढ़त के साथ भाजपा का कमल खिला। पार्टी ने इस बार चुनाव में दो विधायकों का टिकट काट दिया है। जिसके बाद से दोनों विधायक नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह पर उतर आए हैं। देहात विधायक के बिगड़े बोल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

 

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