Odisha Open Badminton: उन्नति हुड्डा ने जीता ओडिशा ओपन खिताब, सबसे कम उम्र में सुपर-100 टूर्नामेंट जीतने वाली भारतीय बनीं
कटक। भारत की उभरती खिलाड़ी 14 वर्षीय उन्नति हुडा ने इतिहास रचा दिया है। उन्नति हुड्डा ने रविवार को 75 हजार डॉलर इनामी ओड़िशा ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में महिला एकल का खिताब जीता। उन्नति सुपर 100 टूर्नामेंट जीतने वाली सबसे युवा भारतीय बन गई है। इस 14 वर्षीय खिलाड़ी ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करके …
कटक। भारत की उभरती खिलाड़ी 14 वर्षीय उन्नति हुडा ने इतिहास रचा दिया है। उन्नति हुड्डा ने रविवार को 75 हजार डॉलर इनामी ओड़िशा ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में महिला एकल का खिताब जीता। उन्नति सुपर 100 टूर्नामेंट जीतने वाली सबसे युवा भारतीय बन गई है। इस 14 वर्षीय खिलाड़ी ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करके खिताब अपने नाम किया। उन्होंने फाइनल में स्मित तोश्नीवाल पर 21-18, 21-11 से जीत दर्ज की। इससे पहले उन्नति ने खिताब की प्रबल दावेदार मालविका बंसोड़ को 24-22, 24-22 से हराकर फ़ाइनल में जगह बनाई थी, जबकि तोशीवाल ने दूसरे सेमीफाइनल में अश्मिता चालिहा को हराया था।
Remember the Name – ?????? ?????!
Just 14 years of age, defeated top players on her way to the finals, and now, defeats Smit Toshniwal in straight sets in the finals to win the Women's Singles title at #OdishaOpen2022. @BAI_Media @OdishaOpen100 @MyDalmiaCement pic.twitter.com/R7t5lpQlbf
— Odisha Sports (@sports_odisha) January 30, 2022
सेमीफाइनल में सैयद मोदी इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट की फाइनलिस्ट मालविका बंसोड़ को हराकर उलटफेर करने वाली उन्नति ने स्मित तोश्नीवाल के खिलाफ केवल 35 मिनट में जीत दर्ज की थी। तोशनीवाल ने भी सेमीफाइनल में अश्मिता चालिहा को 21-19, 10-21, 21-17 से उलटफेर का शिकार बनाकर फाइनल में प्रवेश किया था। उन्नति ने पहले गेम में वापसी करके जीत दर्ज की। लेकिन दूसरे गेम में उन्होंने अच्छी लय बनाये रखी। उनके आक्रामक रवैये के सामने स्मित तोश्नीवाल की एक नहीं चली और हरियाणा की उन्नति को जीत मिली।
फाइनल में पहुंचने वालीं उन्नति हुड्डा की 418वीं विश्व रैंकिंग है। वहीं, मालविका इसी महीने सैयद मोदी इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थीं, जहां उन्हें पीवी सिंधु ने हराया था। मालविका ने हाल ही में इंडिया ओपन में साइना नेहवाल को हराया और सैयद मोदी इंटरनेशनल टूर्नामेंट में फाइनल तक पहुंची, जिसमें पीवी सिंधू ने उन्हें हराया था। उन्होंने जूनियर विश्व रैंकिंग में नंबर एक तसनीम मीर को भी यहां प्री क्वार्टर फाइनल में हराया था।
गैरवरीय जॉर्ज ने जीता पुरुष एकल का खिताब
21 वर्षीय जॉर्ज ने पुरुष एकल के फाइनल में प्रियांशु राजावत को 58 मिनट तक चले मैच में 21-15, 14-21, 21-18 से हराया। त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने 28 मिनट तक चले मुकाबले में संयोगिता घोरपड़े और श्रुति मिश्रा को 21-12, 21-10 से हराकर महिला युगल का खिताब अपने नाम किया। मिश्रित युगल फाइनल में भारत के एमआर अर्जुन और त्रीसा जॉली को सचिन डायस और थिलिनी हेंडादाहेवा की श्रीलंकाई जोड़ी से 36 मिनट तक चले मैच में 16-21, 20-22 से हार का सामना करना पड़ा। जॉर्ज ने पहला गेम आसानी से जीता। वह दूसरे गेम के शुरू में भी एक समय 5-3 से आगे थे लेकिन राजावत ने अच्छी वापसी की और वह मैच को निर्णायक गेम तक खींचकर ले गये। तीसरे और निर्णायक गेम में दोनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला तथा राजावत ने जॉर्ज को हावी होने से रोकने के लिये अपनी तरफ से हर संभव प्रयास किये।
क्रेसिकोवा और सिनियाकोवा ने महिला युगल खिताब जीता
मेलबर्न। बारबरा क्रेसिकोवा और कैटरिना सिनियाकोवा की शीर्ष वरीय जोड़ी ने रविवार को यहां अना डेनिलिना और बीटरिज हदाद मेइया की गैरवरीय जोड़ी को कड़े मुकाबले में हराकर आस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट का महिला युगल का खिताब जीता। चेक गणराज्य की क्रेसिकोवा और सिनियाकोवा की जोड़ी ने डेनिलिना और मेइया को फाइनल में 6-7 (3), 6-4, 6-4 से हराया। चेक गणराज्य की जोड़ी का यह आस्ट्रेलियाई ओपन का पहला और करियर का चौथा ग्रैंडस्लैम खिताब है। यह जोड़ी इससे पहले एक बार विंबलडन और दो बार फ्रेंच ओपन का खिताब जीत चुकी है। क्रेसिकोवा और सिनियाकोवा की जोड़ी ने तोक्यो ओलंपिक का भी महिला युगल का खिताब जीता था। इस जोड़ी को पिछले साल मेलबर्न में एलिस मर्टेन्स और एरिना सबालेंका के खिलाफ फाइनल में 2-6, 3-6 से हार का सामना करना पड़ा था।
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