रुद्रपुर: 1750 अधिकारियों को बनाया पीठासीन अधिकारी, यूपी के हालात के बाद लिया यह महत्वपूर्ण फैसला
रुद्रपुर, अमृत विचार। जिले में 1750 अधिकारियों को पीठासीन अधिकारी बनाया गया है। ये अधिकारी बूथ पर मौजूद रहकर व्यवस्था और निगरानी कर सकेंगे। कर्मचारियों की कमी को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने अब अवकाश पर रोक लगा दी है। यूपी में कुछ जिलों में आई कर्मचारियों की कमी को देखते हुए यह निर्णय लिया …
रुद्रपुर, अमृत विचार। जिले में 1750 अधिकारियों को पीठासीन अधिकारी बनाया गया है। ये अधिकारी बूथ पर मौजूद रहकर व्यवस्था और निगरानी कर सकेंगे। कर्मचारियों की कमी को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने अब अवकाश पर रोक लगा दी है। यूपी में कुछ जिलों में आई कर्मचारियों की कमी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
चुनाव में पीठासीन अधिकारियों की सबसे अहम भूमिका होती है। बूथ पर व्यवस्था से लेकर इलैक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन तक सब कुछ उन्हीं के अधीन होता है। पीठासीन अधिकारियों को बूथ के मालिक के तौर पर अपने दायित्वों एवं कर्तव्यों को भली भांति निर्वहन करना और समझना उनकी पहली प्राथमिकता होती है।
जिले में 1488 पोलिंग बूथ हैं, जहां एक-एक पीठासीन अधिकारी नियुक्त रहता है। कुल पीठासीन अधिकारियों में 10 फीसदी रिजर्व रखे जाते हैं। निर्वाचन अधिकारी के अनुसार सौ के करीब रिटायर्ड व स्थानांतरित होने की वजह से पहले से पीठासीन अधिकारियों की कमी है, जबकि दस बूथ इस बार बढ़ गए हैं। सौ कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग के बोर्ड ने अनफिट करार कर दिया था। यूपी में कुछ जिलों में पीठासीन अधिकारी दूसरे जिलों से लिए जा रहे हैं। इस तरह की अव्यवस्था को देखते हुए अवकाश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
