मुरादाबाद : मुस्कराईं, हाथ हिलाया फिर आगे बढ़ता गया कारवां
आशुतोष मिश्र/अमृत विचार। वह मुस्कुराईं। हाथ जोड़ा, हिलाया और कारवां आगे बढ़ता गया। तय समय दो घंटे देर से कांग्रेस की महासचिव और शहर की बहू प्रियंका गांधी वाड्रा जमा मास्जिद चौराहा पहुंचीं। पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में उनके रोड शो की तैयारी का सिलसिला शाम चार बजे के बाद ही परवान चढ़ा। संभव है …
आशुतोष मिश्र/अमृत विचार। वह मुस्कुराईं। हाथ जोड़ा, हिलाया और कारवां आगे बढ़ता गया। तय समय दो घंटे देर से कांग्रेस की महासचिव और शहर की बहू प्रियंका गांधी वाड्रा जमा मास्जिद चौराहा पहुंचीं। पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में उनके रोड शो की तैयारी का सिलसिला शाम चार बजे के बाद ही परवान चढ़ा। संभव है कि भीड़ की आहट पार्टी नियंताओं को लग गयी थी।
रामंगगा की ओर से आ रही सड़क पर सभी की निगाह थी। लेकिन, युवा सांसद दीपेंद्र हुड्डा के आने के बाद कांग्रेसी चौकन्ना हुए। सड़क पर लोग थे। महिलाएं आमंत्रित करके लायी गईं थी। उनमें से कई इस बात से मुतमईन भी नहीं थीं कि कौन आ रहा है? पीतलनगरी की पवित्रा सक्सेना और ममता का कहना था कि सोनियां गांधी आ रही हैं। मीडिया टीम देख प्रियंका गांधी पर फूल वर्षा कराने वाले कांग्रेसी महिलाओं में जोश भरने के लिए नारे लगवाने लगे।
प्रियंका जहां खुले वाहन पर लोगों से रूबरू होने के लिए खड़ी हुईं। वह स्थान देहात विधान सभा में है।
यहां दीपेंद्र हुड्डा के साथ देहात और शहर क्षेत्र के उम्मीदवार भी खड़े हुए। सड़क के दोनों ओर छतों से फूलों की वर्षा और शहरियों के प्यार से खुद को जोड़ने के लिए प्रियंका ने हर जतन किए। छतों पर खड़ी भीड़ में खासतौर से आधी आबादी से मौन मुलाकात में शहर की बहू जुटीं रहीं। जीआईसी चौक पर समर्थकों द्वारा क्रेन से माला पहनाने का इस्तकबाल किया। छोटी बच्ची ने उन्हें गुलाब का हार पहनाया।
जीआईसी चौक पर प्रियंका ने अपने साथ दोनों उम्मीदवारों को खड़ा कराकर गले में स्वीकार किया। वापसी में ऐसा करने वालों को अपने पास से उनके हाथों में गुलाब के फूल फेके, जबकि महिलाओं को लड़की हूं लड़ सकती हूं जैसे लिखे नारे का फ्रेडशिप बैंड लुटाया। वारसी नगर की राबिया, नगमां, आमना और शमां इसे पाकर खुश थीं।
मुगलपुरा थाना गेट के नजदीक सपा उम्मीदवार के झंडे लगे वाहन आने से कांग्रेसी टीम के सदस्य घबरा गए थे। जबकि प्रियंका वाड्रा के पहंचने के पहले समाजवादी युवजन सभा के कार्यकर्ताओं का काफिला जामा मस्जिद पुल की ओर निकला था। तब भी कांग्रेसी खेमे में बचौनी छा गयी थी। शहर की तंग गलियों से गुजर रहीं प्रियंका के होठ सिले थे। यह जरूर था कि वह हर किसी का प्यार स्वीकार करने में जुटी रही। लेकिन, चेहरे पर थकान का सिकन दूर नहीं कर पा रहीं थीं। दोनों उम्मीदवार भी लोगों पर फूल की पंखुड़ी बरसा रहे थे।
सुरक्षादस्ता के सदस्य कई जगह तनाव में दिखे। करीब दो घंटे बाद शहर की बहू का कारवां बारादरी पहुंचा। इसके पहले फैजगंज पुलिस चौकी क्षेत्र और पानदरीबा में उन्हें नारों के बीच प्रसन्न करने का प्रयास किया गया। पानदरीबा में प्रियंका जिलाध्यक्ष असलम खुर्शीद और महानगर अध्यक्ष अनुभव मेहरोत्रा के साथ शहीद स्मारक पहुंची और अमर बलिदानियों को पुष्प अर्पित किए। एस कुमार चौराहा-तहसील स्कूल होते हुए कांग्रेसी कारवां बारादरी से
आगे बढ़ा।
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