सऊदी अरब अरामको में अपने चार प्रतिशत शेयर निवेश कोष में हस्तांतरित करेगा
दुबई। सऊदी अरब ने सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज पेट्रोलियम कंपनी अरामको में सरकार की चार प्रतिशत हिस्सेदारी या करीब 80 अरब डॉलर सरकारी निवेश कोष में हस्तांतरित करने की घोषणा की है। सऊदी अरब यह कदम अपनी ऊर्जा पर निर्भर अर्थव्यवस्था में बदलाव लाने को उठा रहा है। सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी है। …
दुबई। सऊदी अरब ने सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज पेट्रोलियम कंपनी अरामको में सरकार की चार प्रतिशत हिस्सेदारी या करीब 80 अरब डॉलर सरकारी निवेश कोष में हस्तांतरित करने की घोषणा की है। सऊदी अरब यह कदम अपनी ऊर्जा पर निर्भर अर्थव्यवस्था में बदलाव लाने को उठा रहा है। सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी है।
सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी का मूल्यांकन 2,000 अरब डॉलर से कुछ कम है।
वहीं इस समय कच्चा तेल 90 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुका है जो 2014 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। सऊदी अरब के युवराज (वली अहद) मोहम्मद बिन सलमान ने इन शेयरों के हस्तांतरण का फैसला किया है। यह सऊदी अरब का सरकारी संपदा कोष है। इस कोष के जरिये सऊदी युवराज उबर से लेकर ब्रिटेन की फुटबॉल टीम न्यूकैसल यूनाइटेड में निवेश कर चुके हैं।
सरकार की योजना है कि तेल संपदा का इस्तेमाल युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने के लिए किया जाए जिससे समय के साथ अर्थव्यवस्था की तेल पर निर्भरता को कम किया जा सके। यह कोष नेवार्क, कैलिफोर्निया की इलेक्ट्रिक कार कंपनी ल्यूसिड मोटर्स इंक में भी निवेश कर चुका है। हालांकि, कोष की ओर से तत्काल यह नहीं बताया गया है कि इसका क्या इस्तेमाल किया जाएगा।
अरामको में 94 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सरकार सबसे बड़ी शेयरधारक है। वर्ष 2019 में कंपनी के शेयरों की पेशकश रियाद के तदावुल शेयर बाजार में की गई थी। रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर सर्विसेज ने पिछले सप्ताह कहा था कि इस कोष के तहत संपत्तियां 2020 में बढ़कर 412 अरब डॉलर पर पहुंच गई हैं जो 2015 में 152 अरब डॉलर थीं।
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