अमृत विचार अभियान : टूटी सड़कों पर हादसों का डर, रात में रोशनी भी नदारद
मुरादाबाद/अमृत विचार। इसे लोकतंत्र का असल चेहरा कहें या विडंबना। स्मार्ट सिटी के नागरिक विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री का साक्षात दर्शन करने से तो वंचित हैं ही अपने वार्ड के उस रहनुमा को भी नहीं देखा, पहचाना है, जिसे नगर निगम चुनाव में वोट देकर अपने वार्ड का सिरमौर चुना है। 20 हजार की आबादी …
मुरादाबाद/अमृत विचार। इसे लोकतंत्र का असल चेहरा कहें या विडंबना। स्मार्ट सिटी के नागरिक विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री का साक्षात दर्शन करने से तो वंचित हैं ही अपने वार्ड के उस रहनुमा को भी नहीं देखा, पहचाना है, जिसे नगर निगम चुनाव में वोट देकर अपने वार्ड का सिरमौर चुना है। 20 हजार की आबादी वाले वार्ड के बाशिंदे अपने पार्षद के नाम व चेहरे से अनजान हैं।
यह हाल वार्ड चार पैपटपुरा लाकड़ी का है। यहां के लोगों ने पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित सीट पर वोट देकर तो चुना रजनी को, लेकिन उनके परिवार के पुरुष सदस्य कपिलदेव को ही पार्षद जानते और मानते हैं। वार्ड में आठ हजार से अधिक मतदाता हैं, जो चुनाव में नेताओं की तकदीर लिखते हैं पर वार्ड की तस्वीर उनकी खुद की नियति बयां कर रही थी। वार्ड में टूटीं सड़कें, सड़क पर बहता नाली का पानी और सफाईकर्मियों के न आने का दर्द नागरिकों को टीसता है। अपने दर्द को वह किससे साझा करें यह और पीड़ा देता है, क्योंकि कोई रहनुमा उनके सामने आता नहीं। न चुने जनप्रतिनिधि और न तंत्र के जिम्मेदार। कोई इनकी सुधि लेने वाला नहीं।

पार्षद से रूबरू होने की जनता की बेकरारी
वार्ड की पार्षद यूं तो निर्वाचित रजनी देवी हैं, लेकिन काम सब पति कपिलदेव के हाथों से ही होता है। ऐसे में जनता कपिलदेव को ही पार्षद मानती है। जब नागरिकों से वास्तविक पार्षद रजनी के बारे में पूछा तो बोले देखने की लालसा है, लेकिन कभी आईं नहीं। चुनाव के समय वोट दिया था, तब भी चेहरा नहीं देखा था।
नये वार्ड में लिख रहीं विकास की इबारत का पार्षद का दावा
पैपटपुरा लाकड़ी नया वार्ड परिसीमन में सृजित हुआ। भाजपा की पार्षद रजनी का कहना है कि पहले यह लाकड़ी फाजलपुर व अन्य हिस्सों को मिलाकर था। इससे यह विकास से वंचित रहा। नया वार्ड बनने के बाद चुनाव जीतने के बाद यहां ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में 3.30 करोड़ रुपये से मिनी बाइपास बनवाया। दूषित पेयजल की समस्या दूर कराई। पानी की टंकी लगवाकर 90 फीसदी घरों में इसका कनेक्शन पहुंचाया गया है। जल निकासी पर काम चल रहा है। अधिकतर गलियों में इसका प्रबंध गहरा और मजबूत नाला बनाकर किया है। नई बस्तियों और कॉलोनियों में सड़क व नाली बनवाना प्राथमिकता है। वार्ड में गागन नदी के तट पर करीब 30 लाख रुपये से मुक्ति पथ श्मशान घाट का निर्माण शुरू हो गया है। दो बीघा जमीन चिह्नित कर 10 लाख रुपये से इसकी बाउंड्री हो गई है। आश्रम पद्धति विद्यालय में पेयजल के लिए बड़ा पंप लग रहा है।
सफाई कर्मचारी नहीं आते हैं। वार्ड में नियमित रूप से कूड़ा का उठान नहीं होता है। पार्षद को एक बार भी नहीं देखा है। सड़कों की हालत दयनीय है। शिकायत किससे करें, जब पार्षद को ही नहीं देखा। विधायक, सांसद के आने की तो बात ही कोसों दूर की है। चुनाव के समय ही जनप्रतिनिधि वोट मांगने आते हैं फिर गायब हो जाते हैं। -विजय पाल सिंह
पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं। नेता केवल वोट लेने आते हैं। नई कॉलोनी बस रही है, लेकिन उसमें न तो सड़क बनी है और न जल निकासी का प्रबंध। गड्ढे में घर बनते जा रहे हैं। बरसात में पूरा तालाब की स्थिति बन जाती है। पुरानी गलियों में भी कोई देखभाल नहीं होता। -मोहित
घर के आगे एक वर्ष से नाली खराब होने से पानी सड़क पर बहता है। पूरे वार्ड में नागरिक सुविधा की कौन कहे व्यवस्था बदहाल है। पार्षद कपिलदेव (हालांकि हैं रजनी) कभी हाल लेने नहीं आते। -नेहा
नेता केवल वोट मांगने के समय आते हैं। उसके बाद चेहरा नहीं दिखाते। पानी निकासी का इंतजाम नहीं है। सड़क टूटी है, आवागमन में परेशानी होती है। बरसात में पुराने मोहल्लों में जाना दुष्कर हो जाता है। अब तक पार्षद का चेहरा नहीं देखा, शिकायत किससे करें। -कुंवरसेन
पार्षद का न तो नाम पता है, न चेहरा देखा है। सड़क, नाली का हाल देख लीजिए कहने की कोई जरूरत ही नहीं है। गर्मी में भी नाली का पानी सड़क पर बहता है, बरसात के हाल का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है। -अयोध्या
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