कानपुर: हैलट अस्पताल में दवाओं का टोटा खत्म, अब बाहर से नहीं लेनी होगी मेडिसिन
कानपुर। हैलट में भर्ती अति गंभीर मरीजों को अब महंगी दवाएं बाहर से नहीं लेनी होंगी। अस्पताल प्रशासन ने कोरोना के इलाज के लिए मंगाई दवाओं को सामान्य मरीजों को देने की अनुमति दे दी है। तीसरी लहर में कोरोना मरीजों के लिए 8० लाख रुपए की दवाएं मंगाई गई थीं। इनमें एडवांस एंटीबायोटिक समेत …
कानपुर। हैलट में भर्ती अति गंभीर मरीजों को अब महंगी दवाएं बाहर से नहीं लेनी होंगी। अस्पताल प्रशासन ने कोरोना के इलाज के लिए मंगाई दवाओं को सामान्य मरीजों को देने की अनुमति दे दी है। तीसरी लहर में कोरोना मरीजों के लिए 8० लाख रुपए की दवाएं मंगाई गई थीं।
इनमें एडवांस एंटीबायोटिक समेत फेफड़े, हार्ट, किडनी और लिवर रोगियों की दवा शामिल है। इनका इस्तेमाल आईसीयू और वेंटीलेटर पर भर्ती मरीजों के लिए होता हैं। तीसरी लहर में कम मरीज आने से चार फीसदी ही दवाओं का इस्तेमाल हुआ है। शेष दवाएं दूसरी गंभीर बीमारियों में इस्तेमाल की जा सकती हैं। प्रमुख अधीक्षक प्रो. आरके मौर्या के अनुसार कोरोना की तीसरी लहर में गम्भीर मरीजों की भर्ती नहीं हुई। इसलिए बची हुई दवाएं सामान्य मरीजों को दे जाएंगी।
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