अमरोहा : यूक्रेन में फंसे अमरोहा के 20 छात्र, युद्ध के चलते फ्लाइट निरस्त
अमरोहा, अमृत विचार। युद्ध के चलते अमरोहा के कई छात्र-छात्राएं यूक्रेन में फंसे हुए हैं। जिससे उनके परिजन चिंतित हैं। गुरुवार को जोया के तीन छात्र यूक्रेन से वापस आने थे, टिकट भी कंर्फम था, लेकिन युद्ध के चलते सभी फ्लाइटें निरस्त हो गईं। हालांकि, परिजन लगातार उनके संपर्क में हैं, लेकिन फिर भी उन्हें …
अमरोहा, अमृत विचार। युद्ध के चलते अमरोहा के कई छात्र-छात्राएं यूक्रेन में फंसे हुए हैं। जिससे उनके परिजन चिंतित हैं। गुरुवार को जोया के तीन छात्र यूक्रेन से वापस आने थे, टिकट भी कंर्फम था, लेकिन युद्ध के चलते सभी फ्लाइटें निरस्त हो गईं। हालांकि, परिजन लगातार उनके संपर्क में हैं, लेकिन फिर भी उन्हें डर सता रहा है।
गुरुवार को रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हो गया। धमाकों से लोग सहम गए। कई सैनिकों के साथ आम नागरिक भी मारे गए। दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध को देखते हुए वहां रहने वाले अन्य देश के लोग डरे हुए हैं। अमरोहा जिले के 20 से अधिक छात्र-छात्राएं यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। एक दिन पहले तक तो सब ठीक था। छात्र-छात्राएं फ्लाइट से वापस भी आ रहे थे। कुछ के टिकट दो दिन बाद के कंफर्म थे। लेकिन, गुरुवार को छिड़े युद्ध की खबरें सुनकर परिजनों को बच्चों की चिंता सताने लगी है।
वहां के हालात देखकर परिजन परेशान हैं और डरे हुए हैं। जोया, रायपुर खुर्द, कालाखेड़ा गांव के अलावा अमरोहा नगर के कई छात्र-छात्राएं वहां मौजूद हैं। हालांकि बुधवार को शहर के प्रीत विहार कालोनी निवासी अंजली यूक्रेन से वापस लौटी हैं। उसके अनुसार वहां हालात भयानक हैं। वहीं जोया निवासी मोहम्मद उमर के दो बेटे नूरेन हसन, कमाल हसन, बेटी उमर जहां व कमर जहां भी यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। कमाल हसन 15 दिन पहले घर आ चुके हैं। लेकिन, नूरेन, उमर जहां व कमर जहां अभी भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं।
मोहम्मद उमर ने बताया कि नूरेन, उमर जहां व कमर जहां को 24 फरवरी को यूक्रेन से भारत आना था। तीनों के टिकट भी कंफर्म थे लेकिन, गुरुवार को रूस ने हमला कर दिया है। जिस कारण फ्लाइट निरस्त हो गईं। बताया कि उनके तीनों बच्चे फिलहाल एंबेसी में है। वहां के हालात इस समय बेहद खराब हैं। मोहम्मद उमर का कहना है कि वह लगातार बच्चों के संपर्क में हैं लेकिन, युद्ध छिड़ जाने से उन्हें डर लग रहा है।
कहा कि घर के सभी लोग प्रार्थना कर रहे है कि जल्द ही तीनों बच्चे सुरक्षित घर लौट आएं। वहीं अमरोहा के मुहल्ला दानिशमंदान निवासी आइएम इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. जमशेद कमाल का बेटा शाह आलम भी पढ़ने के लिए यूक्रेन गया है। बताया कि तीन मार्च को शाह आलम का टिकट कंफर्म हुआ है। लेकिन, युद्ध शुरू होने से सभी फ्लाइट निरस्त है। उन्होंने सरकार से छात्रों को घर लाने की मांग की है।
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