यूक्रेन को जंग में अकेला छोड़ा, आखिर रूस से सीधे टकराने से क्यों घबरा रहे हैं अमेरिका और नाटो, अहम बैठक आज

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

Russia Ukraine War : रूस और यूक्रेन के बीच कई महीनों से चले आ रहे तनाव को रूस ने गुरुवार को युद्ध ताक पहुंचा दिया, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और दूसरे देशों ने मामले को गंभीरता से लेने को कहा है। नाटो के सेक्रेटरी जेनरल ने कहा कि अपने साथियों की सुरक्षा के लिए जो भी कदम …

Russia Ukraine War : रूस और यूक्रेन के बीच कई महीनों से चले आ रहे तनाव को रूस ने गुरुवार को युद्ध ताक पहुंचा दिया, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और दूसरे देशों ने मामले को गंभीरता से लेने को कहा है।

नाटो के सेक्रेटरी जेनरल ने कहा कि अपने साथियों की सुरक्षा के लिए जो भी कदम उठाना होगा, उठायेगा। उन्होनें बताया कि नाटो के नेता आज यानी शुक्रवार (25 फरवरी 2022) को एक अहम बैठक करेंगे और उसमें आगे क्या कदम उठाना चाहिए, उस पर विचार-विमर्श करेंगे। उन्होंने कहा कि नाटो यूक्रेन के साथ मजबूती के से खड़ा है। रूस पर नाटो के सहयोगी देश कड़े प्रतिबंध लगा रहे हैं।

क्या है NATO
वर्ष 1939-1945 के बीच चले दूसरे विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद सोवियत संघ की विस्तारवादी नीति कायम रही। सोवियत संघ को रोकने के लिए अमेरिका ने 1949 में 12 देशों के साथ नाटो (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन) को बनाया। धीरे-धीरे इसमें सदस्य बढ़ते गए और आज के समय में नाटो के 30 देश मेंबर हैं। यह एक सैन्य गठबंधन है और इसका उद्देश्य साझा सुरक्षा नीति पर काम करना। अगर कोई देश नाटो के किसी भी सदस्य पर हमला करता है तो नाटो का यह फर्ज होता है कि सभी देश एकजुट होकर उस पर हमला करें या उससे बदला लें।

ये भी पढ़ें-

Russia Ukraine War: कीव में कब्जे की जंग, रूसी सेना ने हड़पा Snake आईलैंड, यूक्रेन ने वापस छीना Melitopol

संबंधित समाचार