उन्नाव: दलित युवती हत्याकांड के मामले में दिव्यानंद आश्रम को किया गया सील

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उन्नाव। दलित युवती हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मृतका के परिजनों ने जेल में बंद अभियुक्तों पर आरोप लगाते हुए रविवार को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। तथा विवेचना होने तक गवाहों पर दबाव बनाने की बात व घटना स्थल दिव्यानंद आश्रम को सील करने की गुहार लगाई। जिस पर कप्तान …

उन्नाव। दलित युवती हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मृतका के परिजनों ने जेल में बंद अभियुक्तों पर आरोप लगाते हुए रविवार को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। तथा विवेचना होने तक गवाहों पर दबाव बनाने की बात व घटना स्थल दिव्यानंद आश्रम को सील करने की गुहार लगाई। जिस पर कप्तान ने मामले को संज्ञान में लेकर एसओजी टीम व कोतवाली व महिला पुलिस को मौके पर भेज आश्रम को सील करवा दिया। इस दौरान मृतका के परिजन मौजूद रहें। कार्यवाही के दौरान मौजूद अधिकारियों का कहना है कि विवेचना चल रही है। कोई साक्ष्य छूट न पाए इस लिए सीलिंग की कार्यवाही की गई है।

बतां दे कि बीते दिनों शहर के कब्बा खेडा स्थित दिव्यानंद आश्रम के पीछे एक दलित युवती पूजा का शव अभियुक्त रजोल सिंह व सूरज की निशानदेही पर बरामद किया गया था। जिसमें दोनों अभियुक्तों को पुलिस ने जेल भेज दिया था। मृतका की मां रीता का आरोप है कि अभियुक्त रजोल सिंह रसूख वाला है। जेल में उसको हर तरह की सुविधाएं मिल रही है। वह हमारे गवाहों पर जबरन दबाव बना रहा है। साथ ही जहां पर मेरी बेटी की हत्या की गई थी उस स्थान की दोबारा जांच कराई जाय।

घटना में जो भी व्यक्ति शामिल हो उन्हें विवेचना में तरमीम कर जेल भेजा जाए। रविवार को पूजा की मां रीता ने पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी से मुलाकात कर जेल में बंद अभियुक्त रजोल सिंह के दिव्या नंद आश्रम में बेटी की हत्या की गई थी। उस स्थान को दोबारा जांच करने की मांग की। जिस पर पुलिस अधीक्षक ने एसओजी प्रभारी गौरव कोतवाल ओपी राय एसओं महिला प्रेमा यादव को मौके पर भेजकर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मौके पर पहुंचें कोतवाल एसओजी व महिला पुलिस ने विवेचना के दौरान दिव्यानंद आश्रम के आठ कमरों को सील कर दिया है। मौके पर मौजूद अधिकारियों का कहना है कि विवेचना चल रही है कोई साक्ष्य छूट न पाए इसलिए सीलिंग की कार्यवाही की गई है।

दलित युवती के हत्याकांड को लेकर जिले की सियासत में भूचाल आ गया था। इसी प्रकरण को लेकर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका वॉड्रा और आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर ने काशीराम पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की थी। वहीं हत्याकांड के मुख्य आरोपी रजोल सिंह को पुलिस ने 25 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से रजोल सिंह उन्नाव जिला कारागार में बंद है। रविवार को परिजनों की मौजूदगी में हत्यारोपी के आश्रम को सील करने पर फिर मामला सुर्खियों में आ गया है।

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