यूपी चुनाव: अयोध्या में पार्टी कार्यालयों पर चल रही चुनावी समीक्षा, अब परिणाम का इंतजार
अयोध्या। अयोध्या जनपद का चुनाव निपट गया है। सोमवार का दिन था महीनों की मेहनत का गुणा-भाग करने का। पार्टी कार्यालयों पर दस बजे के बाद पहुंचे पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने जोड़-तोड़ बैठाना शुरू किया। इस बीच हंसी-ठिठोली भी होती रही। चाय-समोसे के साथ कार्यकर्ता एक दूसरे को बधाई भी देते देखे गए। हालांकि अयोध्या …
अयोध्या। अयोध्या जनपद का चुनाव निपट गया है। सोमवार का दिन था महीनों की मेहनत का गुणा-भाग करने का। पार्टी कार्यालयों पर दस बजे के बाद पहुंचे पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने जोड़-तोड़ बैठाना शुरू किया। इस बीच हंसी-ठिठोली भी होती रही। चाय-समोसे के साथ कार्यकर्ता एक दूसरे को बधाई भी देते देखे गए। हालांकि अयोध्या जिले में पूरी फिल्म का क्लाइमेक्स 10 मार्च को ही पता चलेगा।
सोमवार को दस बजे के बाद पार्टी कार्यालयों में कार्यकर्ता पहुंचने लगे। भाजपा- सपा के पार्टी दफ्तरों में पहुंचे पदाधिकारी शहर के कोने-कोने से लेकर गांव की खलिहान तक के एक-एक वोट का गणित लगाते रहे। पार्टी कार्यालयों पर दोपहर में ज्यादा भीड़भाड़ दिखी। लोग बैठे चुनावी चर्चा में मशगूल दिखे। लोग एक दूसरे से मिले तो पूछने लगे बताओ कहां, कौन जीत रहा है। किसको, कितने वोट मिले।
इस बीच कौन से पोलिंग स्टेशन पर किसका जोर रहा, किसको ज्यादा वोट मिल रहे हैं, इस पर चचार्एं चलती रहीं। हालांकि चुनाव से पहले वाली रौनक नहीं दिखी। सपा कार्यालय पर पार्टी प्रत्याशी तेज नरायन पांडेय, जिलाध्यक्ष गंगा यादव की मौजूदगी में लोग चुनावी मंथन करते नजर आए तो भाजपा कार्यालय पर पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश बादल के साथ कार्यकर्ता जोड़-तोड़ भिड़ाते रहे।
कांग्रेस-बसपा कार्यालयों पर सन्नाटा
रिकाबगंज स्थित कांग्रेस कार्यालय पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा नजर आया। यहां न तो कोई पदाधिकारी मिला न ही कोई समर्थक। यही हाल बहुजन समाज पार्टी कार्यालय पर भी रहा। दोनों ही दलों के नेता के पार्टी कार्यालयों पर न मिलने के बाद से लोगों-लोगों में तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं।
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