मेरठ: रात भर पैदल चलकर रोमानिया बॉर्डर पहुंचा ताबिश, अब्बू को कॉल पर सुनाया दर्द
मेरठ। जिले के ताबिश को अपने दोस्तों के साथ भारत लौटने के लिए काफी मुसिबत झेलनी पड़ रही है। यूक्रेन पोल्तावा में एमबीबीएस करने गया ताबिश चार दिनों से बॉर्डर पहुंचने की कोशिश में है। मेरठ के इकबाल नगर में ताबिश के परिवारवाले भगवान से प्रार्थनाएं कर रहे हैं कि उनका बेटा ठीक-ठाक घर वापस …
मेरठ। जिले के ताबिश को अपने दोस्तों के साथ भारत लौटने के लिए काफी मुसिबत झेलनी पड़ रही है। यूक्रेन पोल्तावा में एमबीबीएस करने गया ताबिश चार दिनों से बॉर्डर पहुंचने की कोशिश में है। मेरठ के इकबाल नगर में ताबिश के परिवारवाले भगवान से प्रार्थनाएं कर रहे हैं कि उनका बेटा ठीक-ठाक घर वापस आ जाए।
छात्र ताबिश के अब्बू मुजाहिद कहते हैं, बेटा पिछले चार दिनों से केवल धक्के खा रहा है। मोबाइल पर केवल एक लाइन का मैसेज भेज देता है, क्योंकि उनके पास मोबाइल चार्ज करने की भी सुविधा नहीं।
बेटे ने बताया कि पापा यहां खाना, पानी तो दूर हमें टॉयलेट भी रोकना पड़ रहा है। खुद को बचाने के लिए हम बंकरों में भेड़-बकरी की तरह भरे हैं। बॉथरूम तक में सैकड़ों बच्चे बैठे हैं। हर बच्चा घर आने को तड़प रहा है, लेकिन इंतजाम नहीं हो पा रहे।
छात्र के पिता ने बताया कि सोमवार रात 12 बजे बेटे का मैसेज आया था कि वो यूक्रेन से रोमानिया बॉर्डर पहुंच चुका है। बॉर्डर से घर आने की कोशिश में लगा है। लेकिन वहां इतनी भीड़ है कि बॉर्डर से घर लौटना भी आसान नहीं है। बॉर्डर तक पहुंचने के लिए 50 किमी से ज्यादा का सफर बेटे ने पैदल तय किया है।
पूरा घर अपने बच्चे का इंतजार कर रहा है। सभी ताबिश के लिए भगवान से प्रार्थनाएं कर रहे हैं कि उनका बेटा ठीक-ठाक घर वापस आ जाए।
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