लखीमपुर खीरी: ट्रैफिक प्लान ध्वस्त हर तरफ लग रहा जाम

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Edited By Amrit Vichar
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लखीमपुर खीरी,अमृतविचार। होली का त्योहार सिर पर है। ऐसे में शहर में भीड़भाड़ भी बढ़ गयी है। ट्रैफिक पुलिस की अनदेखी से अब जाम की समस्या अब और बढ़ गयी है। शहर में हरतरफ जाम लग रहा है। ट्रैफिक प्लान ध्वस्त होने की वजह से दिक्कत और बढ़ गयी है। इससे शहरवासियों को पूरे दिन …

लखीमपुर खीरी,अमृतविचार। होली का त्योहार सिर पर है। ऐसे में शहर में भीड़भाड़ भी बढ़ गयी है। ट्रैफिक पुलिस की अनदेखी से अब जाम की समस्या अब और बढ़ गयी है। शहर में हरतरफ जाम लग रहा है। ट्रैफिक प्लान ध्वस्त होने की वजह से दिक्कत और बढ़ गयी है। इससे शहरवासियों को पूरे दिन जाम से जूझना पड़ रहा है।

शहर में जाम की समस्या कोई नई बात नहीं है। कई बार पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और नगरपालिका के अफसरों ने बैठक कर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था दुरस्त करने के लिए रणनीति बनाई, लेकिन यह रणनीति आज तक सफल नहीं हो सकी। शहर में जाम की मुख्य वजह अतिक्रमण, बेतरतीब खड़े होने वाले वाहन, दुकानदारों द्वार सड़क तक सामान व बोर्ड रखा होना है।

अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन ने व्यापारियों के साथ बैठक कर कई बार अतिक्रमण हटाने के लिए सड़कों पर जेसीबी दौड़ाई, लेकिन यह अभियान खोमचे, पटरी दुकानदारों तक ही सीमित रहा। एक-दो दिन चलने के बाद अभियान फुस्स हो गया। इससे अतिक्रमण की समस्या जस की तस बनी हुई है।

पांच महीने पहले ट्रैफिक पुलिस ने जाम से निजात दिलाने के लिए प्लान तैयार किया था। इसके लिए मार्गों पर नो इंट्री बढ़ाई गई थी। यहां पर मोबाइल बैरियर लगाकर ट्रैफिक जवानों को भी तैनात किया गया। नईबस्ती चौराहा पर भी बैरियर लगाया गया था। यह व्यवस्था महज हफ्ते भर ही चल पाई। इसके बाद वहां से बैरियर तक भी हटा लिया गया।

सदर चौराहा से जीआईसी गेट मार्ग पर जिला अस्पताल है। मुख्य बाजार होने के कारण इस मार्ग पर काफी भीड़भाड़ रहती है। एकल मार्ग होने के बाद भी इस पर दोनों तरफ से चौपहिया वाहनों का आवागमन होता है, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है। मरीज लेकर आ रही एंबुलेंस भी घंटों फंसी रहती है।

यही हाल हीरालाल चौराहा से लेकर हमदर्द तिराहा ताक है। संकटादेवी से सदर चौराहा मार्ग पर भी नो इंट्री होने के बाद भी चार पहिया वाहन फर्राटा भरते हैं। नो इंट्री में वाहनों को रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस कोई ध्यान नहीं देती है। इससे शहर जाम से जूझता रहता है।

जेल रोड बन गई वाहनों की पार्किगं
यह कहना गलत नहीं होगा कि शहर की जेल रोड वाहनों की पार्किंग बन गई है। इस मार्ग पर नईबस्ती चौराहा से लेकर कोविड कंट्रोल रूम तक चालक चार पहिया वाहन सड़क पर ही खड़े कर देते हैं और अपने काम से चले जाते हैं। इसी मार्ग पर पुलिस लाइन और यातायात पुलिस का दफ्तर भी है। शहर कोतवाल से लेकर टीएसआई और अन्य तमाम अधिकारी भी आते-जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी ट्रैफिक पुलिस सड़क पर पार्क किए गए वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती है।

इन जगहों पर भी लगता है भारी जाम
रेलवे स्टेशन के पास अोवरब्रिज, संकटा देवी चौराहा, गोला रेलवे क्रासिंग, मेला मैदान चौराहा, पलिया बस अड्डा, नौरंगाबाद चौराहा, हीरालाल धर्मशाला चौराहा, रोडवेज बस अड्डा।

शहर में चिन्हित प्वाइंटों पर ट्रैफिक पुलिस तैनात रहती है। जाम न लगे, इसका पूरा प्रयास करती है। साथ ही सड़कों पर खड़े होने वाले वाहनों का चालान भी करती है।
—निर्मलजीत यादव, टीएसआई

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