Fatty Liver Disease: फैटी लिवर होने पर इन बातों का रखें ध्यान, जल्द मिलेगा आराम
Fatty Liver Disease: स्वास्थ से जुड़ी कोई भी परेशानी आपकी जीवन को पूरी तरह से प्रभावित करती है फिर वो चाहे कोई भी समस्या क्यों न हो। आज के समय में खराब खान-पान और बिगड़ते रोटीन की वजह से शरीर कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाता है। इन्हीं में से एक फैटी लिवर …
Fatty Liver Disease: स्वास्थ से जुड़ी कोई भी परेशानी आपकी जीवन को पूरी तरह से प्रभावित करती है फिर वो चाहे कोई भी समस्या क्यों न हो। आज के समय में खराब खान-पान और बिगड़ते रोटीन की वजह से शरीर कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाता है। इन्हीं में से एक फैटी लिवर है जिसमें लिवर में चर्बी का जमा हो जाती है। बहुत से लोग समझते हैं कि फैटी लिवर सिर्फ शराब पीने वालों को होता है लेकिन आपको बता दें कि इसके एक नहीं बल्कि कारण हो सकते हैं। हालांकि, हम अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव कर फैटी लिवर के जोखिम से बच सकते हैं।
फैटी लीवर के प्रकार
- एल्कोहलिक फैटी लीवर डिज़ीज
शराब का अत्यधिक सेवन करने वालों में होता है। एल्कोहॉल का अधिक सेवन लीवर पर फैट जमा होने का एक कारण है। शराब का ज्यादा सेवन करने से लीवर में सूजन आ सकती है तथा लीवर क्षतिग्रस्त हो सकती है।
- नॉन एल्कोहलिक फैटी लीवर डिज़ी
उच्च वसायुक्त भोजन एवं अनुचित जीवनशैली के कारण व्यक्ति में मोटापे एवं डायबिटीज की समस्या होने लगती है जो कि फैटी लीवर होने में बड़े कारण है। शराब न लेने पर भी इन स्थितियों में फैटी लीवर होने की पूरी संभावना है।
लक्षण
- फैटी लीवर सिंड्रोम या बीमारी होने की स्थिति में लीवर पर वसा का जमाव हो जाता है जिससे लीवर पर सूजन आ जाती है। शरीर के पेट के हिस्से में जहाँ पर लीवर होता है वहाँ पर सूजन दिखाई देती है।
- फैटी लीवर की बीमारी होने पर शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती है। इससे व्यक्ति थका थका महसूस करता है।
- ध्यान केंद्रित करने में भी काफ़ी समस्या होती है। इसी के साथ साथ व्यक्ति को काफ़ी कमज़ोरी का भी अनुभव होता है।
लाएं ये बदलाव
- ताजे फल एवं सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें।
- अधिक फाइबर युक्त आहार का सेवन करें, जैसे फलियां और साबुत अनाज।
- अधिक नमक,ट्रांसफैट, रिफाइन्ड कार्बोहाइड्रेट्स तथा सफेद चीनी का प्रयोग बिल्कुल बंद कर दें।
- एल्कोहल या शराबका सेवन बिल्कुल न करें।
- भोजन में लहसुन को शामिल करें यह फैट जमा होने से रोकता है।
- ग्रीन टी का सेवन करें। शोध के अनुसार लीवर में जमा फैट को कम करती है तथा लीवर के कार्यकलापको सुधारती है।
- तले-भुने एवं जंक फूड का सेवन सर्वथा त्याग दें।
- इन सब्जियों का प्रयोग ज्यादा करें जैसे पालक,ब्रोक्ली, करेला, लौकी, टिण्डा, तोरी, गाजर, चुकंदर, प्याज, अदरक तथा अंकुरित अनाज खाएं।
- राजमा, सफेद चना, काली दाल इन सब का सेवन बहुत कम करना चाहिए तथा हरी मूंग दाल और मसूर दाल का सेवन करना चाहिए।
- मक्खन, मेयोनीज, चिप्स, केक, पिज्जा, मिठाई, चीनी इनका उपयोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।
- नियमित रूप से प्राणायाम करें तथा सुबह टहलने जाएं।
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