बदायूं: करंट से नहीं हुई मौत, हत्या का लगाया आरोप

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बदायूं, अमृत विचार। कुछ दिनों पहले कोतवाली सहसवान क्षेत्र के मछली पालन के तालाब पर चौकीदार की करंट से मौत मामले में मुख्यमंत्री से शिकायत की गई है। आरोप लगाया कि करंट से मौत नहीं बल्कि हत्या की गई थी। पुलिस ने आरोपियों को बचाने के लिए हत्या को हादसे में बदल दिया। मुख्यमंत्री से …

बदायूं, अमृत विचार। कुछ दिनों पहले कोतवाली सहसवान क्षेत्र के मछली पालन के तालाब पर चौकीदार की करंट से मौत मामले में मुख्यमंत्री से शिकायत की गई है। आरोप लगाया कि करंट से मौत नहीं बल्कि हत्या की गई थी। पुलिस ने आरोपियों को बचाने के लिए हत्या को हादसे में बदल दिया। मुख्यमंत्री से जांच कराकर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की गई है।

कोतवाली सहसवान के मोहल्ला शहबाजपुर निवासी हाजी शमीम अहमद पुत्र इब्ले अली ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में बताया कि 24 मार्च को कुछ लोग पीतंबर मल्लाह पुत्र कन्हैया लाल के घर में घुस गए और पीतंबर मल्लाह को पकड़ कर मछली चोरी का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी जमाल और उसका भाई निहाल अपने अन्य तीन- चार साथियों के साथ आए।

खलीक अहमद पुत्र नजीर अहमद के मछली पालन के तालाब पर ले गए। खलीक के बेटों ने पीतंबर से मारपीट की और तालाब की मछली की चोरी का आरोप लगाया। आरोपियों ने पीतंबर को करंट लगाकर पीतंबर को मार दिया। परिवार के लोगों ने रात में ही कोतवाली जाकर सूचना दी। पुलिसकर्मियों ने मछली पालन के तालाब पर जाने की बजाय परिवार के लोगों को भगा दिया।

आरोप है कि मृतक पीतंबर के बेटे ब्रजेश ने पुलिस की मौजूदगी में दो लाख रुपये में समझौता कर लिया और ब्रजेश से उसके पिता को तालाब का चौकीदार दर्शाकर तहरीर ले ली। पुलिस ने खलीक अहमद के तालाब के नौकर शब्बू पुत्र शमशाद को तालाब का स्वामी दिखा दिया।

पुलिस ने आरोपियों से मिलकर तालाब पर कूलर रखवा दिया। हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय करंट से मौत दर्शा दी जबकि मृतक की रिपोर्ट दर्ज हो जाती तो परिवार को पांच लाख रुपये का कृषि बीमा मिल जाता। उन्होंने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है।

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