सिस्टर इंचार्ज के उत्पीड़न से तंग आकर नर्स ने की थी खुदकुशी
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिला महिला अस्पताल की सिस्टर इंचार्ज के उत्पीड़न से तंग आकर नर्स चंद्र प्रकाश दूबे ने मौत को गले लगाया था। सिस्टर इंचार्ज ने कुछ दिन पूर्व चंद्रप्रकाश से सबके सामने अपने पैर पकड़वाए थे। वह चंद्रप्रकाश को परेशान व प्रताड़ित करती थी और पैसों की नाजायज मांग करती थी। उसके खिलाफ …
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिला महिला अस्पताल की सिस्टर इंचार्ज के उत्पीड़न से तंग आकर नर्स चंद्र प्रकाश दूबे ने मौत को गले लगाया था। सिस्टर इंचार्ज ने कुछ दिन पूर्व चंद्रप्रकाश से सबके सामने अपने पैर पकड़वाए थे। वह चंद्रप्रकाश को परेशान व प्रताड़ित करती थी और पैसों की नाजायज मांग करती थी। उसके खिलाफ गलत तरीके से रिपोर्ट लिखाने की धमकी देती थी। इससे वह अवसाद में था। मृतक के भाई की तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने सिस्टर इंचार्ज के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम में लटकने से मौत की पुष्टि हुई है।
फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाला 30 वर्षीय चंद्रप्रकाश दूबे मथुरा जनपद के कोसीकलां थाना क्षेत्र के गांव सांचौली का निवासी था। वह वर्ष 2019 से मुरादाबाद के जिला महिला अस्पताल में संविदा पर स्टाफ नर्स था। बुधवार की रात चंद्रप्रकाश की डयूटी प्रथम तल पर लगी थी। उनके साथ वार्ड आया कविता और सफाई कर्मी बबीता की ड्यूटी थी। भूतल पर जन्मदिन की पार्टी थी। इसमें चंद्रप्रकाश भी शामिल हुआ था। इसके बाद वह ड्यूटी रूम में चला गया था। रात करीब साढ़े नौ बजे वार्ड आया और सफाई कर्मी खाना खाने नीचे चली गई थी। दोनों 12 बजकर सात मिनट पर वापस ड्यूटी कक्ष में पहुंची तो उनकी चीख निकल गई।
स्टाफ नर्स चंद्र प्रकाश दूबे का शव चादर के फंदे से पंखे से लटक रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उताकर मोर्चरी में रखवा दिया। चंद्रप्रकाश का विवाह एक साल पूर्व ही रामपुर निवासी युवती के साथ हुआ था। उसकी पत्नी भी रामपुर में एएनएम हैं। चंद्रप्रकाश रामपुर से अपडाउन करते थे। वह बुधवार को ही अपने पैतृक गांव से आए थे। उनके भाई धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि देर रात एक बजकर 57 मिनट पर उन्हें सूचना मिली कि चंद्रप्रकाश ने ड्यूटी के दौरान स्टाफ रूम में चादर के फंदे से पंखे से फांसी लगा ली है।
उन्होंने बताया कि सिस्टर इंचार्ज डॉ. सरिता पीटर उनके भाई का गलत तरीके से मानसिक शोषण करती थीं। इससे उनका भाई मानसिक अवसाद में था। उन्होंने भाई से कहा भी था कि वह डॉ. सरिता पीटर से बात करेंगे। मगर इसके बाद भी चंद्रप्रकाश अवसाद से नहीं उबर सका। कुछ दिन पूर्व डॉ. सरिता पीटर ने चंद्रप्रकाश से सबके सामने अपने पैर पकड़वाए थे। इससे उसके आत्मसम्मान को काफी ठेस पहुंची थी। चंद्रप्रकाश ने सीएमएस डॉ. सुनीता पांडेय से भी इंचार्ज की शिकायत की थी। इंस्पेक्टर आरपी सिंह ने बताया कि धर्मेंद्र की तहरीर पर डॉ. सरिता पीटर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
