रामपुर : रेंपों गैंग के गुर्गों ने मां के सामने साथी को गोलियों से भूना
बिलासपुर, रामपुर,अमृत विचार। नैनीताल हाइवे पर रविवार को भरे दोपहर उत्तराखंड के रेंपो गैंग के गुर्गों ने अपने ही साथी को उसकी मां के सामने ही गोलियों से भूनकर मार डाला। वारदात के समय मां बदमाशों से अपने बेटे की जान की भीख मांगती रही, लेकिन उसकी फरियाद पर किसी का दिल नहीं पसीजा। इस …
बिलासपुर, रामपुर,अमृत विचार। नैनीताल हाइवे पर रविवार को भरे दोपहर उत्तराखंड के रेंपो गैंग के गुर्गों ने अपने ही साथी को उसकी मां के सामने ही गोलियों से भूनकर मार डाला। वारदात के समय मां बदमाशों से अपने बेटे की जान की भीख मांगती रही, लेकिन उसकी फरियाद पर किसी का दिल नहीं पसीजा। इस दौरान हाइवे पर कुछ देर के लिए यातायात रुक गया। वारदात के बाद बदमाशों हाथों में खुले असलाहे लहराते हुए मौके से भाग गए। सूचना पर पुलिस पहुंची और बदमाशों की तलाश में जुटी, इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए अग्रिम कार्रवाई शुरू की।
क्षेत्र में सनसनी फैलाने वाली यह घटना पूर्वाह्न करीब ग्यारह बजे की है। 34 वर्षीय मृतक संदीप सिंह मंड उर्फ दीपू सिंह बिलासपुर के मोहल्ला सिंह कालोनी का रहने वाला था। वह एक कंपनी में फाईनेंस की किश्त जमा नहीं करने वालों की बाइक छीनने का काम करता था। घटना के समय वह अपनी मां चरणजीतकौर को बाइक पर बैठाकर रुद्रपुर ले जा रहा था। जैसे ही वह कौशलगंज रेलवे क्रासिंग के पास पहुंचा। वहां पहले से खड़े कुछ लोगों ने उसे जबरदस्ती रोक लिया।
उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट शुरूकर दी। मां अपने बेटे को बचाने के लिए कोशिश करती रही। उसकी जान की भीख मांगती रही, लेकिन बदमाश नहीं माने और मारपीट से बचने के लिए दीपू ने जैसे ही वहां से भागना चाहा, हमलावरों ने अपने-अपने तमंचों से उस पर तीन गोलियां दाग दीं। इससे उसके मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हमलावर मौके से बाइकों द्वारा बिलासपुर की तरफ फरार हो गए।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक को उत्तराखंड सीमा पर स्थित ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाली पुलिस ने मृतक की मां की तहरीर पर छह लोगों के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपियों में उत्तराखंड निवासी रामप्रकाश यादव, लल्ला यादव, प्रिंस यादव, विपिन यादव व संजीव मौर्य तथा स्थानीय तहसील के गांव कौशलगंज निवासी बलराज उर्फ बल्लू शामिल बताए जाते हैं। पुलिस के मुताबिक यह लोग उत्तराखंड के रेंपो गैंग के सदस्य है, यह गैंग फाइनेंस कंपनियों की किश्त जमा नहीं होने पर बाइकें खींचने का काम करता है। मृतक संदीप भी इसी गैंग का है, लेकिन वह अभी दूसरी कंपनी के लिए काम कर रहा था। एएसपी डा. संसार सिंह ने बताया कि युवक की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, आरोपियों की तलाश की जा रही है।
एसपी ने सीओ बिलासपुर के नेृत्व में बनाईं टीमें
पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने घटना स्थल का मौका मुआयना किया। उसके बाद उन्होंने सीओ बिलासपुर अरुण कुमार सिंह व कोतवाल तेजवीर सिंह को चौबीस घंटे में घटना का पर्दाफाश करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पुलिस अधीक्षक ने टीमें भी गठित की हैं। जिसके बाद टीमों ने छापेमारी कार्रवाई शुरू कर दी है।
दो माह पहले पंजाब जेल से छूटकर आया था युवक
हाइवे पर दिन-दहाड़े हमलावरों की गोली का शिकार हुआ मृतक संदीप सिंह मंड खुद भी हिस्ट्रीशीटर था। कोतवाली के पुलिस सूत्रों ने बताया कि दीपू की थाने में हिस्ट्रीशीटर खुली हुई है, जिसका नम्बर- 43 ए है। उसके विरुद्ध पंजाब में भी एक मुकदमा दर्ज है। इस मामले में पंजाब पुलिस उसे गिरफ्तार करके ले गई थी। वह करीब दो माह पूर्व ही वहां से जमानत पर छूटकर आया था।
मां बोली- रेंपो गैंग ने मेरे बेटे को मार डाला
मृतक संदीप सिंह मंड उर्फ दीपू की मां ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा है कि हमलावर उसके बेटे की बाइक छीनना चाहते थे। उनके बेटे ने बाइक फाइनेंस कराई थी। वह उसकी किश्त नहीं दे पाया था। मृतक की मां के अनुसार नामजद हमलावरों को वह पहचानती है, क्योंकि वह उसके दोस्त हैं और घर पर आते थे। इस बात से पता चलता है कि हमलावर वाहनों की रिकवरी करने वाले लोगों का समूह था, जिसे उत्तराखंड में रेंपो गैंग कहा जाता है। सूत्रों का कहना है कि मृतक दीपू भी रेंपो गैंग में काम करता था। इस गैंग में काम करते हुए उसने अपने लिए भी एक बाइक फाइनेंस करा ली थी। किश्तें जमा नहीं करने का नतीजा जानते हुए भी उसने अपनी बाइक की किश्तें जमा नहीं की, जिसका परिणाम उसे अपनी जान देकर भुगतना पड़ा। सूत्रों का कहना है कि मृतक दीपू और हमलावर अलग-अलग फर्म के लिए काम करते थे। इस कारण यह घटना दो रेंपो गैंगों की आपसी रंजिश का परिणाम है।
कौशलगंज रेलवे क्रासिंग के पर गोलियां चलने पर मची भगदड़
कौशलगंज रेलवे क्रासिंग पर आरोपियों ने बाइक सवार युवक को रोककर उसको गोलियों से भून दिया था। जिसके बाद आसपास से गुजर रहे लोग भी दहशत में आ गए थे। हत्या के बाद मौके पर सनसनी मच गई।
मां ने आंखों के सामने बेटे को तड़प-तड़पकर मरते देखा
एक मां ने अपने बेटे उसके ही साथ के युवकों द्वारा बेरहमी के साथ पीटते और मारते आंखों से देखा, उसकी आंखों के सामने आरोपियों ने उसके बेटे को गोलियों से भून दिया। मां ने अपने बेटे को अपनी आंखों के सामने ही तड़प तड़पकर मरते हुए देखा। जहां उसका रो रोकर बुराहाल है।
जिले में छह दिन के अंदर हत्या की दूसरी वारदात
जिले में लगातार वारदात की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, छह दिन के अंदर दूसरी हत्या की वारदात ने पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। अजीमनगर में 11 अप्रैल को पूर्व प्रधान पर बदमाशों ने गोलिया चला दी थी। बचाने आए भतीजे की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस इस मामले में आरोपियों को तलाश कर रही हैं। अब बिलासपुर में दिन दहाड़े हुए एक युवक की हत्या के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगे हैं।
दो दिन पहले आरोपियों ने घर पर आकर खाया था खाना
सूत्रों की माने तो जिन लोगों ने युवक को मौत के घाट उतारा है। उन लोगों ने दो दिन पहले उसी के घर पर आकर खाना खाया था। लेकिन उस दिन ऐसी क्या बात हो गई कि हमलावरों ने उस पर गोलियां चला दीं। मां खुद इस बात को कहते कहते दहाड़ें मारकर रो रही है।
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