शाहजहांपुर: दो सगे भाइयों समेत चार को आजीवन कारावास

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शाहजहांपुर,अमृत विचार। थाना सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के गांव खडबौरा में वर्ष 2007 में हुई आगजनी और हत्याकांड मामले की सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश (गैंगेस्टर) आलोक कुमार शुक्ल ने आरोप सिद्ध होने पर दो सगे भाइयों समेत चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन …

शाहजहांपुर,अमृत विचार। थाना सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के गांव खडबौरा में वर्ष 2007 में हुई आगजनी और हत्याकांड मामले की सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश (गैंगेस्टर) आलोक कुमार शुक्ल ने आरोप सिद्ध होने पर दो सगे भाइयों समेत चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही अर्थदंड से दंडित किया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार गांव खड़बौरा निवासी रामसिंह के मौसेरे भाई रामभजन ने गांव के ही रहने वाले अंगनेलाल की भांजी से कोर्ट मैरिज कर ली थी। इस पर अंगनेलाल और उसके परिवार के लोग रंजिश मानने लगे। इसी रंजिश के चलते चार मार्च 2007 की रात करीब 9:30 बजे अंगनेलाल ने अपने भाई नन्हकू व चचेरे भाई गोकरन के बेटों लालबहादुर और गुड्डू के साथ रामसिंह व उसके परिवार वालों को गाली-गलौज करते हुए घेर लिया और उसके छप्पर में आग लगा दी।

इस पर रामसिंह अपने बेटों सत्यपाल, रमाकांत और भाई मलखान के साथ भागा, इतने में आरोपियों ने पीछा करते करके विजय नेता के घर के सामने तिराहे के पास सड़क पर घेर लिया। लालबहादुर व अंगने देशी रायफल और नन्हकू व गुड्डू 12 बोर का तमंचा लिए हुए थे,चारों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।

उसने जमीन पर लेटकर अपनी जान बचा ली लेकिन गोली लगने से उसके बेटे सत्यपाल की मौके पर ही मौत हो गई तथा भाई मलखान और छोटा बेटा रमाकांत बुरी तरह घायल हो गए। इसके बाद हमलावर असलहे लहराते हुए खेतों की ओर भाग गए। सेहरामऊ दक्षिणी पुलिस ने मामले की धारा 302,307,504,436 व गैंगेस्टर एक्ट में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

मुकदमें की सुनवाई के दौरान अभियुक्त लालबहादुर को केंद्रीय कारागार बरेली, अंगनेलाल को शाहजहांपुर कारागार से लाकर कोर्ट में पेश किया गया, जबकि गुड्डू व नन्हकू जमानत पर थे, सुनवाई के दौरान गुड्डू, नन्हकू भी उपस्थित थे। एडीजीसी( फौजदारी) शशि मोहन सिंह व विशेष अभियोजक(गैंगेस्टर) अमित वाजपेयी के तर्को व गवाहों के बयान सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के उपरांत दोष सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश (गैंगेस्टर) आलोक कुमार शुक्ल ने दो सगे भाइयों समेत चारों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा और प्रति अभियुक्त को 20 हजार पांच सौ-20 हजार पांच सौ रुपये के जुर्माना से दंडित किया है।

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