पेट की हर समस्या का रामबाण इलाज है बेल का फल, रोजाना करें इसका सेवन

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Edited By Amrit Vichar
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गर्मियां आते ही मार्केट में बेल मिलना शुरू हो जाता है। बेल का फल पेट से संबंधित समस्याओं के उपचार में इस्तेमाल सदियों से किया जाता रहा है। दस्त और पेचिश में तो बेल के रस का जादुई प्रभाव होता है। आइए बेल फल के फ़ायदों के बारे में जानते हैं। बेल के फायदे बेल …

गर्मियां आते ही मार्केट में बेल मिलना शुरू हो जाता है। बेल का फल पेट से संबंधित समस्याओं के उपचार में इस्तेमाल सदियों से किया जाता रहा है। दस्त और पेचिश में तो बेल के रस का जादुई प्रभाव होता है। आइए बेल फल के फ़ायदों के बारे में जानते हैं।

बेल के फायदे

बेल में 84% पानी होता है। इसके अलावा प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट की अच्छी मात्रा होती है। विटामिन सी और टैनिन भी बेल को ख़ास बनाते हैं। मिनरल्स की बात करें तो इसमें कैल्शियम, फ़ॉस्फोरस और आयरन की भी प्रचुर मात्रा मौजूद होती है। बेल स्वाद में मीठा होता है। यह हल्का और पचाने में आसान होता है।

पेट की जलन को शांत करता है। दस्त रोकता है। यही कारण है कि बेल को ज़्यादा खाने से कब्ज़ की परेशानी हो सकती है। पर इसके फायदे ढेर सारे हैं, मसलन-यह आंत के कीड़ों को नष्ट करता है। पेट की मरोड़ से राहत दिलाता है। बहुत ज़्यादा उल्टी होने पर बेल खाने से राहत मिलती है।

बेल के उपयोग

पके हुए बेल के गूदा में हल्का नमक लगा कर खा सकते हैं। वहीं अगर आप चाहें तो बेल का शरबत भी बना कर पी सकते हैं। आज भी गांवों में पेट की तक़लीफ़ होने पर लोग बेल का रस पीते हैं। हैजा जैसी बीमारियों में बेल का फल अमृत-सा प्रभाव दिखाता है। पेट के लिए बेल के चमत्कारी लाभ इसमें मौजूद टैनिक के कारण होते हैं।

आयुर्वेद में बेल का इस्तेमाल रक्त को शुद्ध करने के लिए भी किया जाता है। एक प्रचलित घरेलू नुस्ख़े के अनुसार 50 मिली बेल के रस को गर्म पानी या दुध और शक्कर में मिलाकर दिन में दो से तीन बार सेवन किया जाए तो रक्त शुद्ध होता है और सेहत भी दुरूस्त रहती है।

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