संयुक्त परिवार में भारत की संस्कृति दिखती है : डॉ. सुमन

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अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र व महिला शिकायत और कल्याण प्रकोष्ठ द्वारा रविवार को अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस के अवसर पर मिशन शक्ति फेज-4 के अंतर्गत परिवार का महत्व मुद्दे और चुनौतियां विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ सुमन प्रसाद मौर्य, एचओडी ह्यूमन डेवलपमेंट एंड …

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र व महिला शिकायत और कल्याण प्रकोष्ठ द्वारा रविवार को अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस के अवसर पर मिशन शक्ति फेज-4 के अंतर्गत परिवार का महत्व मुद्दे और चुनौतियां विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ सुमन प्रसाद मौर्य, एचओडी ह्यूमन डेवलपमेंट एंड फैमिली स्टडीज कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस, आचार्य नरेंद्रदेव यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी रही। उन्होंने कहा कि परिवार एक ऐसी इकाई है जो आपसी सहयोग और समन्वय से चलती है। इससे परिवार में सद्गुणों का विकास होता है।

व्यक्ति के विकास में उसके परिवार का बहुत बड़ा योगदान होता है। उन्होंने कहा वर्तमान में परिवारों का विघटन हमारी पारिवारिक शक्ति को क्षीण कर रहा है जिसे बचाये रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पारिवारिक विघटन से बच्चों की परवरिश पर प्रभाव पड़ रहा है। उन्हें दादा-दादी का प्यार और उचित संस्कार नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनके भीतर अपेक्षित मूल्यों का संचार नहीं हो रहा।

इससे उनकी बौद्धिक व नैतिक विकास की गति धीमी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि संयुक्त परिवार की अवधारणा भारत की संस्कृति की छवि को दिखाती है। प्रो. तुहिना वर्मा ने अभिभावकों तथा छात्रों को बालिका सुरक्षा की शपथ दिलाई। स्वागत इंजीनियर मनीषा यादव ने किया।

संचालन डॉ प्रतिभा त्रिपाठी ने किया। तकनीकी सहयोग डॉ. महिमा चौरसिया एवं निधि प्रसाद द्वारा किया गया। इस अवसर डॉ. स्नेहा पटेल, डॉ. निहारिका सिंह, गायत्री सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं आनलाइन जुड़े रहे।

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