पाकिस्तान सरकार का बड़ा फैसला, ईंधन बचाने के लिए कार्य दिवसों की संख्या कर सकती है कम

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार ईंधन बचाने के लिए में सप्ताह में कार्य दिवसों की संख्या कम करने के विकल्प पर विचार कर रही है। डॉन ने सोमवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। तेल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों और देश में बढ़ती खपत के बीच पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला लिया है। तेल की बढ़ती …

इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार ईंधन बचाने के लिए में सप्ताह में कार्य दिवसों की संख्या कम करने के विकल्प पर विचार कर रही है। डॉन ने सोमवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। तेल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों और देश में बढ़ती खपत के बीच पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला लिया है।

तेल की बढ़ती खपत और तेल की ऊंची अंतरराष्ट्रीय कीमतों के कारण बढ़ते आयात खर्च के बीच सरकार इस फैसले पर विचार कर रही है। सरकार इस तरीके को अपना कर ईंधन बचाने की कोशिश कर रही है। इससे 2.7 अरब डॉलर तक की अनुमानित वार्षिक विदेशी मुद्रा की बचत हो सकती है।

यह अनुमान तीन अलग-अलग परिदृश्यों पर आधारित हैं, जो स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान द्वारा कार्य दिवसों और ईंधन संरक्षण के बीच तालमेल बिठाकर देश की विदेशी मुद्रा को 1.5 अरब डॉलर से 2.7 अरब डॉलर तक बचाने के लिए तैयार किए गए हैं। पहले मामले में चार कार्य दिवस और तीन छुट्टियां शामिल है, जिससे औसत पीओएल बचत 12.2 करोड़ प्रति माह होने का अनुमान है। यह एक वर्ष में 1.5 अरब डॉलर तक जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि 90 प्रतिशत तेल की खपत कार्य दिवसों पर और शेष 10 प्रतिशत एक महीने में छुट्टी पर होती है। दूसरे मामले के परिदृश्य में चार कार्य दिवस, दो छुट्टियां और एक दिन का लॉकडाउन (व्यावसायिक गतिविधियां दो दिनों तक बंद रहेंगी) शामिल है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 17.5 करोड़ डॉलर प्रति माह बचत होगी, जो प्रति वर्ष 2.1 अरब डॉलर तक हो सकता है।

तीसरे परिदृश्य में चार कार्य दिवस, एक अवकाश और दो दिन का लॉकडाउन शामिल हैं, जिससे पीओएल की बचत लगभग 23 करोड़ डॉलर या लगभग 2.7 अरब डॉलर हो जाएगी। हालांकि, इस फैसले को बहुत कठोर माना जा रहा है, क्योंकि यह जनता के विश्वास को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।

ये भी पढ़ें:- पंजाब से अमेरिका, कनाडा के लिए सीधी उड़ान शुरू की जानी चाहिए: भगवंत मान

संबंधित समाचार