बहराइच: बाबागंज में एटीएस सेंटर के निर्माण से जिले के साथ देश को भी मिलेगी सुरक्षा
बहराइच। प्रदेश सरकार ने बहराइच जनपद को प्राथमिकता देते हुए भारत नेपाल सीमा के निकट बाबागंज में एटीएस सेंटर खोलने के लिए बजट जारी कर दिया है। एटीएस की स्थापना से जिले के साथ देश को भी सुरक्षा मिलेगी। क्योंकि नेपाल के रास्ते अक्सर आतंकी देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। भारत सीमा पर …
बहराइच। प्रदेश सरकार ने बहराइच जनपद को प्राथमिकता देते हुए भारत नेपाल सीमा के निकट बाबागंज में एटीएस सेंटर खोलने के लिए बजट जारी कर दिया है। एटीएस की स्थापना से जिले के साथ देश को भी सुरक्षा मिलेगी। क्योंकि नेपाल के रास्ते अक्सर आतंकी देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। भारत सीमा पर बाबागंज से आईएसआई एजेंट और दो चीनी नागरिक गिरफ्तार हो चुके हैं।
सरकार की ओर से गुरुवार विधान सभा में बजट पेश किया गया है। इस बजट में रामपुर, आजमगढ़, कानपुर और देवबंद ने साथ बहराइच के बाबागंज में एटीएस सेंटर (एंटी टेरोरिज्म स्कवायड) स्थापना के लिए करोड़ों रुपए बजट जारी किया है। बाबागंज में एटीएस सेंटर की स्थापना से जहां जिले में देश विरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगेगा। वहीं नेपाल से आने वाले देश विरोधी ताकतों को क्षेत्र में ही पकड़ लिया जाएगा।
जिससे देश विरोधी ताकत प्रदेश और जिले के अन्य हिस्से में आतंकी वारदातों को अंजाम न से सकें। मालूम हो कि पाकिस्तानी नागरिक आईएसआई एजेंट रमेश चौधरी उर्फ मशरुर बाबागंज में ही रहकर सीमा क्षेत्र की गतिविधियों को पाकिस्तान भेज रहा था। जिसे दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जिसे बहराइच न्यायालय ने दो वर्ष पूर्व सुनवाई करते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा सीमा सुरक्षा को लेकर अपने जो इरादे दिखाएं हैं, उससे जनपद वासियों को भी सुरक्षा मिलेगी। मालूम हो कि भारत नेपाल सीमा से बाबागंज की दूरी आठ किलोमीटर है।
सीमा क्षेत्र पर पकड़े गए दूसरे देश के लोग
वर्ष 2008 में आईएसआई एजेंट रमेश चौधरी उर्फ मशरुर
वर्ष 2011 में दो चीनी नागरिक
वर्ष 2014/15 में जेकेएलएफ के तीन लोग पकड़े गए
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