अयोध्या: भाकियू के धरने में समाधान के लिए पहुंचे तहसीलदार बैरंग लौटे

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बीकापुर/अयोध्या। तहसील परिसर में चल रहे भारतीय किसान यूनियन के धरने में समाधान के लिए पहुंचे तहसीलदार को बैरंग लौटना पड़ा। शनिवार रात धरना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार को यह कह कर लौटा दिया जब तक हर मांग नहीं पूरी हो जाती धरना जारी रहेगा। धरनाकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सचिव घनश्याम वर्मा ने …

बीकापुर/अयोध्या। तहसील परिसर में चल रहे भारतीय किसान यूनियन के धरने में समाधान के लिए पहुंचे तहसीलदार को बैरंग लौटना पड़ा। शनिवार रात धरना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार को यह कह कर लौटा दिया जब तक हर मांग नहीं पूरी हो जाती धरना जारी रहेगा।
धरनाकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सचिव घनश्याम वर्मा ने कहा कि 12 सूत्रीय समस्याओं में ज्यादातर समस्याएं तहसील प्रशासन व पुलिस प्रशासन से ही हैं।

अगर तहसील व पुलिस प्रशासन अपने कर्तव्यों का निर्वाहन किया होता तो आंदोलन न करना पड़ता। चीनी मिल बंद हुए माह से अधिक समय हो गया परंतु अभी करोड़ों रुपए गन्ना मूल्य बकाया पड़ा है। जबकि गन्ना क्रय अधिनियम में व्यवस्था दी गई है कि गन्ना खरीद के 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान हो जाना चाहिए। इसके अलावा ग्राम मुकीमपुर पहाड़पुर में गाटा दो गाटा संख्या 3870 व 3873 की पैमाइश पुलिस व राजस्व विभाग की उच्च स्तरीय टीम द्वारा पांच बार की गई है परंतु पीड़ित बिंध्यादीन कोरी को कब्जा नहीं दिया गया है।

आरोप है कि केनरा बैंक बीकापुर द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बनाया बनाया जा रहा है। धरने पर जिला उपाध्यक्ष रंजीत कोरी, तहसील अध्यक्ष संतोष वर्मा, बुधीराम मौर्य, बैजनाथ निषाद, बवाली यादव, विनोद निषाद, मायाराम निषाद, मस्तराम वर्मा, लीलावती, राधा देवी, शांति देवी, काली प्रसाद मौर्य, मंगरु आदि बैठें हैं।

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