लखनऊ पुलिस के लिए ब्रह्मास्त्र बनीं लाइन हाजिर और सस्पेंड की कार्रवाई…जानिए क्या है पूरा मामला

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार, लखनऊ। कमिश्नरेट प्रणाली के तहत अधिकारी राजधानी को अपराधमुक्त बनाने और जनता के प्रति पुलिस का विश्वास पैदा करने का सपना बुन रहे हैं, लेकिन यह सपना जनता से कोसों दूर है। नई प्रणाली लागू होने के बाद राजधानी पुलिस पर लगातार संगीन आरोप लग रहें हैं। दोष सिद्ध होने पर पुलिसकर्मियों को …

अमृत विचार, लखनऊ। कमिश्नरेट प्रणाली के तहत अधिकारी राजधानी को अपराधमुक्त बनाने और जनता के प्रति पुलिस का विश्वास पैदा करने का सपना बुन रहे हैं, लेकिन यह सपना जनता से कोसों दूर है। नई प्रणाली लागू होने के बाद राजधानी पुलिस पर लगातार संगीन आरोप लग रहें हैं। दोष सिद्ध होने पर पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया या फिर उन्हें निलम्बित कर विभाग ने अपने पलड़ा झाड़ लिया। हाल ही में कुछ ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें पुलिसकर्मियों को निलम्बित करना पड़ा।

पहली घटना : थर्ड डिग्री देने पर सिपाहियों पर हुई निलम्बित की कार्रवाई

बीते 31 मई की रात बिजनौर थानाक्षेत्र के किला मोहल्ला निवासी सुभाष को सिपाही स्वर्ण सिंह व अरविंद चौधरी ने बुरी तरह पीट दिया था। वह पड़ोसी दंपती के झगड़े में बीच-बचाव करने गया था। पहले सिपाहियों ने सुभाष की मोहल्ले में पिटाई की थी। फिर थाने में ले जाकर उस पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया था। सुबह हालत बिगड़ने पर उसे थाने से छोड़ दिया गया। मामले के तुल पकड़ने पर डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक ने दोषी सिपाहियों को निलम्बित कर दिया था।

दूसरी घटना: इंस्पेक्टर समेत दो सिपाहियों पर छेड़खानी का आरोप

बीते 04 जून को दुबग्गा कोतवाली में तैनात महिला सिपाही ने थाना प्रभारी समेत दो सिपाहियों पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। इस मामले में महिला सिपाही ने पुलिस आयुक्त को लिखित में शिकायत दी थी। जिसकी जांच डीपीसी दक्षिण गोपाल चौधरी को सौंपी गई थी। महिला सिपाही ने आरोप लगाया था कि जानबूझकर उसकी ड्यूटी नाइट शिफ्ट में लगाई जाती है। 13 मई की रात जब वह नाइट शिफ्ट में तैनात थी। तब थाना प्रभारी ने जीटी कक्ष के अंदर उससे छेड़खानी की थी।

तीसरी घटना: वीडियो वायरल होने पर सिपाही कर कर दिया तबादला

बीते 10 जून को अवैध स्टैंड संचालक के साथ सिपाही राकेश मिश्र के घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद सिपाही का तबादला दुबग्गा कोतवाली से नगराम कोतवाली कर दिया। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मामले की जांच एडीसीपी गोसाईंगंज स्वाती चौधरी को सौंपी गई थी। राकेश मिश्र पर पहले भी आरोप लग चुके थे। महिला सिपाही ने उस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। जिसमें इंस्पेक्टर के साथ राकेश मिश्र व एक अन्य सिपाही को आरोपी बनाया गया था।

पुलिसकर्मियों को करना पड़ा निलम्बित

  1. 30 मई 2021 को कृष्णानगर थानाक्षेत्र की विजयनगर चौकी पर तैनात सिपाही देवेश ने कानपुर के व्यापारी का 10 लाख रुपया गायब कर दिया गया था। दोष सिद्ध होने पर सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया था।
  2. 30 जुलाई 2021 को आलमबाग नहरीया चौराहे कैब ड्राइवर सआदतअली ने कृष्णानगर थाने में तैनात दरोगा व सिपाही पर 10 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया था।
  3.  21 जून 2021 को सुशांत गोल्फ सिटी के खुर्दही बाजार चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों ने भाजपा नेता के बेटे को पैरों के बीच दबाकर बेरहमी से पीटा था। दोष सिद्ध होने पर दारोगा संजय शुक्ला, सिपाही राजेश कुमार और दिनेश को निलम्बित किया गया था।
  4.  20 मार्च को चारबाग रेलवे स्टेशन पर महिला यात्री से मारपीट करने वाले सिपाही अरुण यादव को एसपी रेलवे ने निलम्बित कर दिया था।
  5. 16 अप्रैल 2022 को प्रॉपर्टी डीलर का अपहरण करने वाले सिपाही अनिल सिंह और सुधीर सिंह को पुलिस आयुक्त के आदेश निलम्बित किया गया था।

जरा इनकी भी सुनें

इस सम्बन्ध में डीसीपी मध्य अपूर्णा रजत कौशिक ने बताया कि जब किसी पुलिस कर्मी पर दोष सिद्ध हो जाता है। तो उन्हें लाइन हाजिर या फिर निलम्बित कर दिया जाता है। जिसका असर उनके प्रमोशन, वेतनवृद्धि समेत अन्य चीजों पर भी पड़ता है।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर: झंगहा डबल मर्डर कांड के दोनों वांछित अभियुक्त गिरफ्तार, चौकी इंचार्ज निलम्बित

संबंधित समाचार