बरेली: अव्यवस्थाओं के पथ पर कांवड़ यात्रा, नाथनगरी में भोले के भक्तों की राह में रोड़े

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बरेली, अमृत विचार। सावन का महीना आते ही हमारे देश में बड़े जोर-शोर से कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2022) शुरू हो जाती है। हिंदू धर्म में सावन के महीने को भगवान भोलेनाथ को समर्पित माना गया है। ऐसे में भगवान शंकर के भक्त सावन के पूरे महीने में भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए कई …

बरेली, अमृत विचार। सावन का महीना आते ही हमारे देश में बड़े जोर-शोर से कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2022) शुरू हो जाती है। हिंदू धर्म में सावन के महीने को भगवान भोलेनाथ को समर्पित माना गया है। ऐसे में भगवान शंकर के भक्त सावन के पूरे महीने में भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय करते हैं, जिनमें से एक कांवड़ यात्रा है। इस साल कांवड़ यात्रा की शुरुआत 14 जुलाई 2022 से हो रही है। 14 जुलाई से शुरू होकर कांवड़ यात्रा 26 जुलाई को सावन की शिवरात्रि तक चलेगी। सावन के महीने में कांवड़ यात्रा का बहुत महत्व है। कांवड़ यात्रा करने वाले भक्तजनों को कांवड़िया कहते हैं। भक्त गंगा नदी के पवित्र जल को कांवड़ में भरकर लाते हैं और फिर लंबी यात्रा करते हुए इस जल से भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।

लेकिन,शासन-प्रशासन की अव्यवस्थाओं के चलते कांवड़ यात्रियों को कई मुश्किलों से दो-चार होना पड़ रहा है। बात यूपी के बरेली जनपद यानी नाथनगरी की करें तो यहां बदायूं रोड हर वर्ष कछला से जल लेकर लाखों श्रद्धालु बरेली आते हैं। कछला से बरेली आने के लिए यही एकमात्र रास्ता है। बदायूं रोड के 6 लेन निर्माण की जिम्मेदारी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) को मिली है।

सावन के त्यौहार को लेकर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से जनता में आक्रोश है। सावन के पवित्र महीने में भारी संख्या में श्रद्धालु कछला से पैदल जल भरकर नाथ नगरी में अभिषेक करते हैं और वहीं, श्रद्धालुओं को अब सड़क पर कंकड़, पत्थर, बड़े-बड़े गड्ढों से गुजरना पड़ रहा है।

सुभाष नगर थाना क्षेत्र के लोगों ने अमृत विचार से बताया कि पिछले 8 महीने से सड़क खराब है। आए दिन यहां गाड़ियां पलटती हैं, जानलेवा सड़क हादसे होते हैं। कई लोग सड़क हादसे के शिकार होकर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। लेकिन, इस पर जिम्मेदार विभाग आंखें बंद कर बैठा है।

सावन के महीने में बड़ी शिद्दत के साथ भोले के भक्त कछला से जल भरकर पैदल नाथ नगरी बरेली के लिए रवाना होते हैं और भोलेनाथ को जल अभिषेक कर अपनी मन्नत की कामना करते हैं। जिस पर एकमात्र रास्ता बदायूं रोड करगेना पुलिस चौकी से और गन्ना मील तक खुदा पड़ा है।

वहीं, क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि मंदिर के आसपास गंदा पानी, नाले और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जिसकी शिकायत कई बार आलाधिकारियों से भी की गई। लेकिन अब तक व्यवस्था नहीं सुधरी।

सोचिए, अब जब योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ियों के स्वागत में पुष्पवर्षा कराने और संक्रमण बचाव के उपाय करने के निर्देश दिए हैं और भोलेनाथ के भक्तों के लिए नाथनगरी में जमीन पर विकास कार्यों और अव्यवस्थाओं की ऐसे हकीकत हो तो आप क्या कहेंगे …

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