Singapore Open Final : बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु का धमाल, सिंगापुर ओपन के फाइनल में पहुंचीं
सिंगापुर। भारतीय शटलर पीवी सिंधु ने शनिवार को यहां महिला एकल सेमीफाइनल में जापान की निचली रैंकिंग पर काबिज साएना कावाकामी पर शानदार जीत से सिंगापुर ओपन के फाइनल में प्रवेश किया। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु ने इस साल सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय और स्विस ओपन में दो सुपर 300 खिताब अपने नाम …
सिंगापुर। भारतीय शटलर पीवी सिंधु ने शनिवार को यहां महिला एकल सेमीफाइनल में जापान की निचली रैंकिंग पर काबिज साएना कावाकामी पर शानदार जीत से सिंगापुर ओपन के फाइनल में प्रवेश किया। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु ने इस साल सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय और स्विस ओपन में दो सुपर 300 खिताब अपने नाम किये हैं। उन्होंने 32 मिनट तक चले सेमीफाइनल में 21-15 21-7 से जीत दर्ज की।
हैदराबाद की 27 साल की सिंधु ने इस साल एशियाई चैम्पियनशिप में भी कांस्य पदक जीता था। अब वह 2022 सत्र के अपने पहले सुपर 500 खिताब से महज एक जीत दूर हैं। रविवार को होने वाले फाइनल में तीसरी वरीय सिंधु का सामना जापान की अया ओहोरी और चीन की वांग झि यि के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल मैच की विजेता से होगा। सिंधू का जापानी खिलाड़ी के खिलाफ मैच से पहले जीत का रिकॉर्ड 2-0 था और दोनों के बीच अंतिम मुकाबला 2018 चाइना ओपन में खेला गया था।
.@Pvsindhu1 puts up dominating performance to ease past ??'s S Kawakami 21-15, 21-7 to enter the FINAL of WS at #SingaporeOpen2022
Great going Champ ??
Good Luck for the Final!! #IndiaTaiyaarHai #Badminton pic.twitter.com/nRsVW3LPw7— SAI Media (@Media_SAI) July 16, 2022
पूर्व विश्व चैम्पियन सिंधु दुनिया की 38वें नंबर की खिलाड़ी कावाकामी पर पूरी तरह से शिकंजा कसे हुए थीं। कावाकामी ने इस एकतरफा मुकाबले में कई गलतियां कीं। सिंधु ने शुरू से ही ताकतवर स्मैश लगाने शुरू कर दिये और इस भारतीय ने ब्रेक तक तीन अंक की बढ़त बना ली। 24 साल की जापानी खिलाड़ी ने बराबरी हासिल करने के लिये शटल मुश्किल जगह पर पहुंचाना शुरू किया। मैच तब दिलचस्प हो गया जब दोनों खिलाड़ी हर अंक के लिये मशक्कत कर रही थीं।
सिंधु ने इस दौरान दो वीडियो रैफरल भी जीते जिससे वह 18-14 से आगे थीं। फिर एक ताकतवर स्मैश और कावाकामी की दो सहज गलतियों ने सिंधु को शुरूआती गेम आसानी से जीतने में मदद की। कावाकामी का जूझना दूसरे गेम में भी जारी रहा, वह शटल पर नियंत्रण नहीं कर पा रही थीं और 0-5 से पिछड़ रही थीं। सिंधू ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को रैलियों में उलझाया और संयम के साथ उसे गलतियां करने के लिये इंतजार किया। सिंधू जल्द ही 11-4 के ब्रेक के बाद 17-5 से आगे हो गयीं। जापानी खिलाड़ी के पास सिंधू के फॉरहैंड का कोई जवाब नहीं था जिससे यह भारतीय खिलाड़ी 19-6 से बढ़त बनाये थी। सिंधू के बेसलाइन के तेज तर्रार स्मैश को प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी इसे नेट पर अड़ाने के बाद शटल बाहर गिरा बैठीं और भारतीय खिलाड़ी ने मुठ्ठियां भींचकर अपनी जीत जाहिर की।
ये भी पढ़ें : ISSF Shooting World Cup : निशानेबाजी विश्व कप में ऐश्वर्य तोमर का कमाल, 50 मीटर स्पर्धा में जीता स्वर्ण पदक
